Commonwealth Games 2022 : अविनाश साबले ने रचा इतिहास, जीता स्टीपलचेज का पहला मेडल

इस दौरान साबले ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को लगभग एक सेकंड से बेहतर कर दिया।

खेल, डेस्क रिपोर्ट। 3000 मीटर स्टेपलचेस में अविनाश साबले ने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इस दौरान साबले ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को लगभग एक सेकंड से बेहतर कर दिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में में स्टीपलचेज स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। हालांकि, पुरुषों की 5000 मीटर फाइनल में वह दौड़ भी पूरी नहीं कर सके।

इस साल की शुरुआत में रबात डायमंड लीग में स्थापित 8:12.48 के पिछले नेशनल रिकॉर्ड को 8:11.20 का समय निकालकर बेहतर किया। सेबल के इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि विक्टोरिया कॉमनवेल्थ गेम्स 1994 के बाद यह पहली बार है, जब कि केन्याई पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पोडियम को स्वीप करने में विफल रहे।

2018 गोल्ड कोस्ट के सिल्वर मेडलिस्ट केन्या के अब्राहम किबिवोट ने मात्र 0.05 सेकंड्स के अंतर से गोल्ड मेडल अपने नाम किया। केन्या के विश्व जूनियर चैंपियन अमोस सेरेम ने 8:16.83 का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।

27 वर्षीय सेबल के लिए यह मेडल इस लिए भी खास है क्योंकि पिछले महीने ओरेगॉन में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान उन्होंने 11वां स्थान हासिल किया था।

आपको बता दें, साल 1994 में महाराष्ट्र के बीड जिले में किसान परिवार पैदा हुए अविनाश ने 2011 में स्कूली शिक्षा पास कर इंडियन आर्मी ज्वाइन कर ली, जहां उनकी खेलों में रुचि बढ़ी और साल 2015 में उन्होंने आर्मी टीम के लिए क्वालीफाई कर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।अविनाश ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2019 में सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुके है, वही उन्होंने सात बार 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ चुके है। फिलहाल अविनाश मुकुंद आर्मी में जूनियर कमीशंड ऑफिसर(JCO) के रुप में कार्यरत है।