T20 विश्व कप से पहले इंग्लैंड के खिलाड़ी पर लगा 3 महीने का बैन, 300 से ज्यादा बार खेला सट्टा

कयास लगाया जा रहा था कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें मौका मिल सकत है, लेकिन बैन लगने के कारण अब वो नहीं खेल पाएंगे।

Brydon Carse

T20 World Cup 2024: T20 विश्व कप 2024 शुरू होने के पहले इंग्लैंड क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, टीम के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को सट्टेबाजी के आरोप में बैन कर दिया गया है। हालांकि, ब्रायडन T20 विश्व कप में इंग्लैंड टीम के स्क्वॉड में शामिल नही हैं, लेकिन यह टीम के लिए शर्मसार कर देने वाली बात है। आइए जानते हैं विस्तार से…

3 महीने का लगा बैन

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स पर सट्टेबाजी का दोषी पाए जाने पर 3 महीने का बैन लगा दिया गया है। अब वो 3 महीने तक किसी भी फॉर्मेट में क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। वहीं, यह कयास लगाया जा रहा था कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें मौका मिल सकत है, लेकिन बैन लगने के कारण अब वो नहीं खेल पाएंगे।

303 बार लगाया सट्टा

तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स ने साल 2017 से 2019 के बीच में सट्टा लगाया था। इस दौरान उन्होंने कुल 303 बार सट्टा लगाया। फिलहाल, उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। ब्रायडन कार्स ने खुद खुलासा करते हुए कहा है कि वह उन्हीं मैचों में सट्टा लगाते थे, जिसमें वो नहीं खेलते थे। ब्रायडन 28 अगस्त तक किसी भी फॉर्मेट में क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे।

ये रहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर

ब्रायडन कार्स ने साल 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच में अपना डेब्यू किया था। उन्होंने कुल 14 वनडे और 3 T20 मैच खेले हैं। इस दौरान ब्रायडन ने वनडे में 15 विकेट चटकाए हैं, जिसमें उम्दा प्रदर्शन 61 रन देकर 5 विकेट हासिल करना है। वहीं, T20 में 4 विकेट हासिल किया है, जिसमें उनका प्रदर्शन 23 रन देकर 3 विकेट हासिल करना है।


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है–खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालोमैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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