भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 26 वर्षीय मणिपुर की मीराबाई चानू (Mirabai Chanu), चीन की होउ जिहुई के बाद दूसरे स्थान पर रहीं, उन्होंने कुल 202 KG (स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 115) के साथ रजत पदक जीता। इनके बाद तीसरे स्थान पर इंडोनेशिया की आइशा विंडी कैंटिका ने 194 किग्रा के कुल योग के साथ कांस्य पदक जीता।

नतीजतन मीराबाई ने टोक्यो ओलिम्पिक में भारत के लिए भी पहला पदक जीता और ओलंपिक पदक (Olympic Medal) जीतने वाली देश की दूसरी भारोत्तोलक बन गईं इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में खेल में देश का पहला पदक जीता था। मीराबाई ने भारतीय भारोत्तोलन में लगभग 20 साल लंबे सूखे को समाप्त कर दिया।

1. मीराबाई चानू (भारतीय भारोत्तोलक)

2. मीराबाई चानू की मेहनत

भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू

3. मीराबाई का भारोत्तोलन में प्रवेश

4. सफलता की सीढ़िया