ट्विटर पर शोएब अख्तर की बाउंसर का सचिन ने दिया 191 मीटर के छक्के से जवाब, लिखा “आपका एडवाइस फॉलो किया”

Shashank Baranwal
Updated on -
Sachin Shoaib Twitter Match

Sachin Shoaib Twitter Match: आज भारत ने पूरे एक महीने पहले ही दिवाली मनाई है। उत्सव का नाम था भारत पाकिस्तान क्रिकेट मैच और पठाके का नाम था 07 विकेट की जीत। हर ओर सिर्फ लहरा दो का नारा था। पहले बुमराह, सिराज, पांड्या, कुलदीप और जडेजा की घातक गेंदबाजी और फिर उसके बाद रोहित और अय्यर की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के चारों खाने चित्त कर दिए।

लेकिन इस मैच के अलावा ट्विटर पर विश्व के सबसे घातक गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के बीच अलग ही पोस्टर वार देखने को मिला।

13 अक्टूबर को रात 08:26 को पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया। ट्विट में शोएब ने एक फोटो डाली जिसमें वह सचिन का विकेट लेने के बाद मैं जीतने का जश्न मना रहे हैं। शोएब ने अपने ट्वीट में फोटो का कैप्शन लिखा “Kal agar asa kuch kerna hai, toh #ThandRakh”.

आज सचिन तेंदुलकर ने मैच जीतने के बाद रात 08:26 बजे पर शोएब के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए लिखा कि “My friend, aap ka advice follow kiya aur sab kuch billlkoool THANDA rakha…. ”.

सचिन के ट्वीट को देखकर साफ नजर आ रहा था कि कैसे सचिन शोएब अख्तर पर चुटकी ले रहे हैं। निश्चित तौर से पाकिस्तान पर भारतीय जीत 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिवाली से कम नहीं है, क्योंकि ये जीत नहीं ये जश्न है।


About Author
Shashank Baranwal

Shashank Baranwal

पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

Other Latest News