नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। ट्विटर (twitter) द्वारा सरकार के नए आइटी नियम नहीं मानने पर सरकार ने आइटी एक्ट के तहत प्राप्त सुरक्षा का अधिकार ट्विटर से छीन लिया है। यानी कि ट्विटर और इसके वरिष्ठ अधिकारी (senior executives) अब ट्विटर यूजर्स के गैरकानूनी कंटेंट (unlawful content) के लिए कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। इस सख्त कार्रवाई के बाद ट्विटर ने नया बयान जारी किया है और कहा है कि वे नये नियमों को मानने के लिए तैयार हैं।

ट्विटर के प्रवक्ता ने लिखा, ” हम हर कदम की प्रोग्रेस को  मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आइटी के साथ साझा कर रहे हैं। अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी को पदासीन रखा गया है और इस संबंध में सारी जानकारी मंत्रालय को दी जाएगी।ट्विटर नए आदेशों का पालन करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है।”

बता दें कि आज से ट्विटर (twitter) ने एक इंटरनेट मध्यस्थ माध्यम (internet intermediary) के तौर पर अपनी पहचान खो दी है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि भारत में नए IT नियमों के तहत 5 मई तक इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत अधिकारी (grievance officer) को नियुक्त करना था जो अब तक कंपनी ने नहीं किया है। इसलिए परिणामस्वरूप ट्विटर और इसके वरिष्ठ अधिकारी (senior executives) अब ट्विटर यूजर्स के गैरकानूनी कंटेंट (unlawful content) के लिए कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।

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ट्विटर पहला और अकेला यूएस आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसे अब IT एक्ट के अंदर सेक्शन 79 के तहत मिलने वाले आपराधिक दायित्व से छूट नहीं है। इसी के साथ अब कंपनी IPC के थर्ड-पार्टी ऑनलॉफुल कंटेंट के तहत जिम्मेदार मानी जाएगी। देश में आए नए IT नियमों के तहत इस तरह के सोशल मीडिया मध्यस्थ माध्यमों को पहले 25 मई तक शिकायत अधिकारी, नोडल अधिकारी और चीफ अंतरिम अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करनी थी। इसके बाद सरकार ने समय सीमा बढ़ के 25 मई से 5 जून कर दी थी। इसके बावजूद अब तक इन अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करने की वजह से अब सरकार ने ट्विटर को अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह मिलने वाली उक्त छूट से बाहर कर दिया है।

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हालांकि, पिछले मंगलवार न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार ट्विटर के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी द्वारा अंतरिम अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति कर ली गयी है जिसकी डिटेल्स जल्द ही यूनियन IT मिनिस्ट्री को सौंप दी जाएगी।