एवरेस्ट के आकार से भी का दोगुना धूमकेतु बढ़ रहा पृथ्वी की ओर

धूमकेतु (comet) चट्टान, बर्फ और गैसों का एक समूह है, जो किसी तारे द्वारा गर्म किए जाने पर "सक्रिय" हो जाता है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। एक ब्रह्मांड कई चीजों का संयुक्त मिश्रण है। इसमें ग्रह, आकाशगंगा, तारे, उपग्रह, क्षुद्रग्रह (asteroids), ब्लैक होल आदि शामिल हैं। वास्तव में ब्रह्मांड अभी भी एक रहस्य है क्योंकि हमारे वैज्ञानिक अभी भी इससे कुछ नया खोजने की तलाश में रहते हैं। वैज्ञानिकों के साथ ही नहीं बल्कि कभी कभार रात में हमें भीआकाश में कुछ अनोखी घटनाए दिख जाती है। ‘गिरता हुआ तारा’ उनमें से एक है, लेकिन क्या हम वास्तव में जानते हैं कि यह तारा ही है क्योंकि हम पहले ही इस बात का खंडन यह कहकर कर चुके है कि ब्रह्मांड कई चीजों का मिश्रण है? यह क्षुद्रग्रह (asteroid) या धूमकेतु (comet) भी हो सकता है!

आपको बता दे, रात में हम जो गिरते हुए तारे को देखते है वो असल में क्षुद्रग्रह (asteroid) या धूमकेतु (comet) ही होता है। क्षुद्रग्रह (asteroid) एक सामान्य घटना है, जो आमतौर पर देखी जा सकती है लेकिन लेकिन धूमकेतु कभी-कभार आता है और आपको जानकर यह खुशी होगी कि यह परिदृश्य बहुत जल्द होने वाला है क्योंकि सबसे बड़े ज्ञात धूमकेतु में से एक पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है, जिसका आकर धरती पर मौजूद सबसे बड़ी पहाड़ियों की श्रृंखला माउंट एवेरेस्ट से भी लगभग दोगुना बड़ा है। यह लगभग 14 जुलाई को पृथ्वी के नजदीक से हो कर गुजरेगा।

तो आइये जानते है इस हैवी जायंट के बारे में –

क्या है नाम और इससे कितना खतरा

इस विशाल धूमकेतु का नाम C/2017 K2 (PanSTARRS) है। बर्फ से बने इस धूमकेतु को पहली बार 2017 में देखा गया था। धरती के बहुत नजदीक निकलने के बावजूद, यह पृथ्वीवासियों के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करने वाला है।

खगोलविदों (Astronomers) के मुताबिक, C/2017 K2 (PanSTARRS) लगभग 30 लाख वर्षों से ऊर्ट क्लाउड से हाइपरबोलिक कक्षा में आंतरिक ब्रह्मांड की सैर कर रहा है। अगले महीने धूमकेतु हमारे ग्रह से लगभग 27.7 करोड़ किलोमीटर दूर होगा, जिसे एक साधारण टेलिस्कोप की मदद से देखा जा सकेगा।

जानकारी के मुताबिक, उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में यह सितंबर तक दिखाई देगा। मध्य सितंबर के बाद, यह गोलार्ध के दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज (horizon) को छूएगा और दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) में मौजूद लोगों को दिखाई देगा।

रोचक तथ्य –

  • धूमकेतु का नुक्लीयस व्यास (nucleus diameter) 18 किमी है, जो माउंट एवरेस्ट के आकार का दोगुना है
  • 1.3 लाख किलोमीटर का धूमकेतु संबंधी वातावरण
  • इसकी पूंछ आठ लाख किलोमीटर लंबी है

पहली बार कब देखा गया

2017 में C/2017 K2 (PanSTARRS) को हवाई (Hawaii) में Pan-STARRS सर्वेक्षण उपकरण के माध्यम से पहली बार देखा गया था। उस दौरान यह शनि और यूरेनस के बीच कहीं था।

क्या होता है धूमकेतु (comet)

दरअसल, धूमकेतु (comet) चट्टान, बर्फ और गैसों का एक समूह है, जो किसी तारे द्वारा गर्म किए जाने पर “सक्रिय” हो जाता है।