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Fri, Dec 5, 2025

Magh Mela 2026 की तैयारी.. सीएम योगी ने त्रिवेणी संगम में की पूजा-अर्चना, फिर दी मेले की पूरी जानकारी

Written by:Shyam Dwivedi
प्रयागराज में माघ मेला (Magh Mela) 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इससे पहले उन्होंने त्रिवेणी संगम मे पूजा अर्चना की। उन्होंने बताया कि मेले का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और कल्पवासियों व श्रद्धालुओं के लिए इस आयोजन को दिव्य और भव्य रूप दिया जाएगा।
Magh Mela 2026 की तैयारी.. सीएम योगी ने त्रिवेणी संगम में की पूजा-अर्चना, फिर दी मेले की पूरी जानकारी

Prayagraj Magh Mela 2026

उत्तरप्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेला (Magh Mela) 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इसे तप, साधना, संयम और जागरण का महापर्व कहा जाता है। प्रयागराज में गंगा (Ganga), यमुना (Yamuna) और सरस्वती (Saraswati) नदी का मिलन होता है, जिसे संगम तट और त्रिवेणी कहा जाता है। पद्म पुराण में लिखित है कि संगम का जल काफी पवित्र है, जिसमें स्नान करने से पूर्व के पूर्व जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है।

बता दें कि शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने माघ मेला तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इससे पहले उन्होंने त्रिवेणी संगम मे पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री ने हनुमान कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया और बड़े हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन कर आरती उतारी और विधि-विधान से पूजा की।

सीएम ने कहा कि मेले का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और कल्पवासियों व श्रद्धालुओं के लिए इस आयोजन को दिव्य और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारा अनुमान है कि इस डेढ़ महीने के दौरान प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ लोग संगम पर स्नान करेंगे, जिसमें प्रतिदिन स्नान करने वाले कल्पवासी शामिल हैं।

मुख्य स्नान की तिथियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार माघ मेले की तिथि 15 दिन पहले आ रही है। 3 जनवरी से 1 फरवरी तक लाखों कल्पवासी एक माह तक संगम क्षेत्र में साधना करेंगे। मुख्य स्नान की तिथियां इस प्रकार हैं-

3 जनवरी: पौष पूर्णिमा
15 जनवरी: मकर संक्रांति
18 जनवरी: मौनी अमावस्या
23 जनवरी: बसंत पंचमी
1 फरवरी: माघ पूर्णिमा
15 फरवरी: महाशिवरात्रि

जल निगम द्वारा पेयजल की व्यवस्था

सीएम ने कहा कि जल निगम द्वारा पेयजल की 242 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही 85 किलोमीटर की सीवर लाइन भी बिछाई जाएगी ताकि एक बूंद भी दूषित जल गंगा या यमुना में ना जाने पाए। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम मेला क्षेत्र में 25 अस्थायी उपकेंद्र बनाएगा। श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए 20-20 बिस्तरों के दो अस्पताल बनाए जा रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए क्षेत्र में 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 दमकल गाड़ियां, सात अग्निशमन चौकियां और 20 अग्निशमन निगरानी टावर, एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस नियंत्रण कक्ष और चार जल पुलिस उप नियंत्रण कक्ष होंगे।

बता दें कि पौष पूर्णिमा के साथ ही संगम तट पर माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। देश भर के संत समाज के साथ ही काशी के मठ, मंदिर और अखाड़ों के प्रतिनिधि संगम के तट पर अपने-अपने शिविरों के लिए तैयारी में जुट गए हैं।