जब orangutan ने पहने सनग्लासेस, देखिये इस वानर का स्वैग

जब orangutan ने पहने सनग्लासेस, देखिये इस वानर का स्वैग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज हम आपको एक समझदार ओरंगुटान (orangutan) से मिलवाने जा रहे हैं। ये वानर प्रजाति का है और फिलहाल एशिया में पाया जाने वाला अकेला वनमानुष है। ये महान वानरों का एकमात्र ऐसा समूह हैं जो अफ्रीका के बाहर रहते हैं। ओरंगुटान लाल रंग का विशायकाय वानर होता है। इनकी प्रजाति संकट में है, अवैध शिकार और जंगलों के नुकसान के कारण इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।

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ओरंगुटान को उनके रंग के कारण लाल वानर के रूप में भी जाना जाता है। इनकी लंबाई आमतौर पर 3.5 से लेकर 4.5 फीट तक होती है जबकि वजन 110 से 200 पाउंड के बीच होता है। ये मनुष्य के सबसे करीबी रिश्तेदारों में से एक हैं। इनके भी 32 दांत होते हैं और मादा ओरंगुटान 9 माह तक गर्भवती रहती है। शिकारी जानवरों से बचने के लिए ये पेड़ पर रहते हैं। ये सबसे बड़े वृक्षीय स्तनपायी हैं और इनका 50 फीसदी भोजन शाकाहारी मुख्यत: फल होता है। ओरंगुटान एकांतप्रिय जानवर है। इनमें नर अधिकतर अकेला रहता है जबकि मादा अपने बच्चों के साथ रहती है। ये काफी समझदार जानवर होते हैं।

आज हम आपको जो वीडियो दिखाने जा रहे हैं वो काफी मजेदार है। इसमें हमें एक ज़ू में ओरंगुटान नजर आ रहा है जिसके साथ एक बच्चा भी है। बैकग्राउंड से एक महिला की आवाज आ रही है। दरअसल उसके सनग्लासेस वहां गिर गए हैं और ओरंगुटान की नजर उसपर पड़ गई है। वो ग्लासेस उठाता है और महिला कहती है कि अब ये इसे तोड़ देगा। लेकिन ओरंगुटान बड़ी ही अदा से उसे अपनी आंखों पर पहन लेता है। सनग्लासेस पहने हुए ओरंगुटान का स्वैग देखते ही बनता है और वो इतना स्टाइलिश लग रहा है कि उसका बच्चा भी उसे देखता रह जाता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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