गपागप मटर खाने से पहले जान लें उसके नुकसान, ये तकलीफें कर सकती हैं आपको परेशान

एक कहावत आपने अक्सर सुनी होगी. कहावत है अति हर चीज की बुरी होती है। ये बात मटर पर भी लागू होती है।

एक कहावत आपने अक्सर सुनी होगी. कहावत है अति हर चीज की बुरी होती है। ये बात मटर पर भी लागू होती है।

मटर खाने से होने वाले नुकसान

मटर खाने से होने वाले नुकसान

एसिडिटी

ज्यादा कच्ची मटर खाने से इनडाइजेशन की शिकायत हो सकती है जो आगे चलकर एसिडिटी का कारण बन सकती हैं।

ज्यादा कच्ची मटर खाने से इनडाइजेशन की शिकायत हो सकती है जो आगे चलकर एसिडिटी का कारण बन सकती हैं।

हाई यूरिक एसिड

 मटर में प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन डी सहित फाइबर खूब होता है। जो बहुत आसानी से यूरिक एसिड को बढ़ाता है। इस एसिड के बढ़ने से शरीर में किडनी को भी अलग अलग तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

 मटर में प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन डी सहित फाइबर खूब होता है। जो बहुत आसानी से यूरिक एसिड को बढ़ाता है। इस एसिड के बढ़ने से शरीर में किडनी को भी अलग अलग तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

गैस

जिन लोगों का डाइजेशन पहले से ही कमजोर है, उनके लिए हरी मटर मुश्किल बढ़ाने वाली खुराक साबित हो सकती है। हरी मटर से गैस होती है। कमजोर डाइजेशन की वजह से इसके प्रोटीन को पचा पाना भी आसान नहीं होता है।

जिन लोगों का डाइजेशन पहले से ही कमजोर है, उनके लिए हरी मटर मुश्किल बढ़ाने वाली खुराक साबित हो सकती है। हरी मटर से गैस होती है। कमजोर डाइजेशन की वजह से इसके प्रोटीन को पचा पाना भी आसान नहीं होता है।

वेट लॉस में बाधक

अगर आप वेट लॉस की कोशिशों में लगे हैं तो हरी मटर का सेवन बहुत सीमित ही करें। क्योंकि इस  में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स आपके फेट को तेजी से बढ़ा सकता  हैं।

अगर आप वेट लॉस की कोशिशों में लगे हैं तो हरी मटर का सेवन बहुत सीमित ही करें। क्योंकि इस  में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स आपके फेट को तेजी से बढ़ा सकता  हैं।

एलर्जियाएं

कुछ व्यक्तियों को दालों से एलर्जी होती हे । लेकिन इससे  लेकर गंधन और खुजली जैसे सामान्य लक्षणों से लेकर अधिक गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।

कुछ व्यक्तियों को दालों से एलर्जी होती हे । लेकिन इससे  लेकर गंधन और खुजली जैसे सामान्य लक्षणों से लेकर अधिक गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।

रक्त शक्कर  पर प्रभाव

हालांकि मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम है, डायबिटीज़ वाले व्यक्तियों को मटर से आने वाले कार्बोहाइड्रेट की निगरानी करनी चाहिए ताकि उनके रक्त शक्कर  स्तर में वृद्धि न हो।

हालांकि मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम है, डायबिटीज़ वाले व्यक्तियों को मटर से आने वाले कार्बोहाइड्रेट की निगरानी करनी चाहिए ताकि उनके रक्त शक्कर  स्तर में वृद्धि न हो।

खुद से प्यार करना है जरूरी, ये है कुछ अद्भुत तरीके जो आपको सेल्फ लव ओर इंडिपेंडेंट  कर देगी

खुद से प्यार करना है जरूरी, ये है कुछ अद्भुत तरीके जो आपको सेल्फ लव ओर इंडिपेंडेंट  कर देगी