हर भारतीय नागरिक के लिए हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है।

संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था.

संवैधानिक मूल्यों की जानकारी देश के हर नागरिक को हो, इसलिए इस दिन को मनाया जाता है

इस दिन स्कूल और कॉलेजों में भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ाया जाता है. इसके साथ ही भारत के संविधान की विशेषता और महत्व पर भी चर्चा की जाती है.

भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 खण्ड और 8 अनुसूचियां हैं. हालांकि, इस समय हमारे संविधान में 470 अनुच्छेद, 25 खण्ड और 12 अनुसूचियों के साथ-साथ 5 परिशिष्ट भी हैं.

संविधान में कुल 1,45,000 शब्द हैं. अंतिम रूप देने से पहले इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे.

डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है. भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. आंबेडकर संविधान समिति के अध्यक्ष भी थे.