सीएम सचिवालय के दबाव में निलंबित अफसर को बहाल करने दौड़ी फाइल

भोपाल। आदिम जाति कल्याण विभाग में करीब 3 तीन साल पहले रिश्वत से जुड़े वीडियो मामले में निलंबित किए गए अधिकारी को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर भारी दबाव है। सीएम सचिवालय के रसूखदार अफसर के मौखिक निर्देश पर आदिम जाति कल्याण विभाग ने निलंबित अफसर सहायक आयुक्त आरके श्रोतीय को बहाल करने की फाइल आनन-फानन में विभाग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय भिजवाई है।

चूंकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू हो चुकी है, इसलिए आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से निलंबित अफसर को बहाल करने का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से अनुशंसा के लिए भेजा है। खास बात यह है कि बहाली के प्रस्ताव को आदिम जाति कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं लेकर निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। साथ ही आयोग के अधिकारियों से तत्काल प्रस्ताव को मंजूरी देने की गुहार भी लगाई गई। सीएम सचिवालय के अधिकारी की ओर से आदिम जाति कल्याण विभाग पर इतना दबाव बनाया गया कि विभाग के आला अधिकारी बहाली के प्रस्ताव के लिए स्वयं अधीनस्त अफसर के पास जाना पड़ा। 


यह था मामला 

नवबंर 2015 में आयुक्त आदित जाति कल्याण जेएन मालपानी और बड़वानी के तत्कालीन सहायक आयुक्त आरके श्रोतीय के बीच फोन पर हुई चर्चा का ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें मालपानी श्रोतीय से कथित तौर पर रिश्वत (अकेले-अकेले खाओगे तो बदहजहमी हो जाएगी)की बात कर रहे थे। मामला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया को जांच सौंपी। जिसमें जुलानिया ने मालपानी को आरोपी माना साथ ही श्रोतीय के खिलाफ भी निलंबन एवं विभागीय जांच की अनुंशसा की। जुलानिया की जांच के आधार पर राज्य शासन ने मालवानी को निलंबित कर दिया था। जबकि श्रोतीय के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। चूंकि श्रोतीय के खिलाफ विभागीय जांच खत्म हो चुकी है। ऐसे में उन्हें बहाल करने के लिए विभाग ने आनन-फानन में फाइल चलाई है।