दुष्कर्म में प्रदेश नं. 1 होने पर बड़ा अजीब सा लगता है : जस्टिस जैन

होशंगाबाद। मप्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मप्र में बढ़ते दु:ष्कर्म के मामलों को लेकर प्रदेश की बिगड़ती छवि पर चिंता जाहिर की है। बकौल जस्टिस जैन बड़ा अजीब सा लगता है जब मप्र का नाम ऐंसे मामलों में नं. 1 पर आता है। होशंगाबाद में मानवाधिकार आयोग की टीम लंबित मामलों की सुनवाई करने पहुंची जहां 60 मामलों में से 36 पुराने मामले हल किए गए। पत्रकारों के सवाल पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष जस्टिस जैन ने कहा कि दुष्कर्म के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने जो चिंता जताई है वह सही है और हम भी चिंतित हैं। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है तो उससे आगे अब क्या बोलना है ? लेकिन इतना जरूर है कि मप्र को जब नं.1 बताया गया है तो उसे देखकर मप्र के लोगों को बड़ा अजीब सा लगता है। उन्होंने बताया कि हमारे स्तर पर जो मामले आते हैं उन्हें ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई कर सुलझाने का प्रयास करते हैं। आयोग अध्यक्ष जस्टिस जैन ने कहा कि आयोग पहले भी सरकार को अनुशंसा करते रहा है और पिछले दो माह के आंकड़ो को हम मंगाकर तुलना करेंगे उसके बाद यदि दुष्कर्म के मामले बढ़कर आते हैं तो हम अनुशंसा करेंगे। मानवाधिकार आयोग की टीम ने अध्यक्ष जस्टिस जैन के साथ आयोग सदस्य मनोहर ममतानी, सरबजीत सिंह एवं रजिस्ट्रार जेपी राव मौजूद रहे। इस दौरान आयोग अध्यक्ष जस्टिस जैन ने सुनवाई में बेहतर सहयोग करने पर होशंगाबाद जिला प्रशासन की प्रशंसा की।