'जयस' के मंच से गूंजा, 'अब नहीं सहेंगे अत्याचार, अबकी बार बनाएंगे आदिवासी सरकार'

कुक्षी/भोपाल। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के बैनर तले धार जिले के कुक्षी में आयोजित किसान महापंचायत में करीब 25 हजार से ज्यादा संख्या में लोग एकत्रित हुए। जिसमें किसान सम्मेलन में आदिवासी, दलित, ओबीसी, किसान, अल्पसंख्यक, सवर्ण समाज के गरीब समेत सभी वर्ग के लोगों ने एक सुर में ऐलान किया कि अब नही सहेंगे अत्याचार, अबकी बार बनाएंगे आदिवासी सरकार। सम्मलेन में हजारों की भीड़ के बीच जयस के संयोजन डॉ हीरालाल अलावा ने राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी है कि शिवराज सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। हमने किसानों और आदिवासियों के लिए 25 सूत्रीय मांगपत्र शिवराज सिंह चौहान को सौंपी थी, लेकिन आज तक उस मांग पत्र की एक भी मांग नहीं मानी गई। अत: विवश होकर राजनीति में उतरने का फैसला किया है। 

डॉ अलावा ने कहा कि आज आदिवासी इलाकों में भयंकर कुपोषण, भूखमरी, पलायन, विस्थापन जैसे हालत है। इसके लिए पूरी तरह भाजपा और कांग्रेस, दोनों की सरकारें जिम्मेदार हैं। इन्होंने आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार पांचवी अनुसूचि, पैसा कानून, वनाधिकार कानून को धारातल पर लागू करवाने में कभी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नही निभाई, जिसके कारण आज मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखड, उड़ीसा जैसे आदिवासी बाहुल्य राज्यों में आदिवासियों को जबरन जंगलों से खदेड़ा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में सेना और सुरक्ष बलों के जवानों के द्वारा बंदूक की नोंक पर आदिवासियों पर शासन किया जा रहा है। जबरन आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है। आदिवासी लड़कियों के शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है, लेकिन आज तक प्रदेश सरकार हो चाहे केंद्र सरकार, सभी ने आदिवासियों के साथ छल किया है। संविधान ने इनको आदिवासियों के हिफाजत की जिम्मेदारी दी, लेकिन इन सबने मिलकर आदिवासियों को खत्म करने पर तुले हुए हैं।


इन 35 सीटों के प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार 

डॉ अलावा ने कहा कि प्रदेश की 35 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों का बायोडाटा आ गया है। हमने अपना उम्मीदवार का लिस्ट  तैयार कर ली है, आगामी एक दो दिनों में फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी। जयस ने कुक्षी, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी, बदनावर, धार, रतलाम ग्रामीण, सैलाना, थांदला, पेटलावद, जोबट-भामरा, राजपुर, पानसेमल, बड़वानी, भीकनगांव, भगवानपुरा, खरगोन, बागली, खातेगांव, हरसूद, भैंसदेही, सेंधवा, पंधाना, बड़वाह, नेपानगर, सरदार पुर, अलीराजपुर, अनुपपुर, बरघाट, डिंडौरी, बुरहानपुर, पुष्पराजगढ़, जयसिंह नगर के प्रत्याशी तय कर लिए हैं। जबकि जयस आदिवासी समुदाय के दबदबे वाली 80 सीटों पर उतरेगा। साथ ही कुछ अनारक्षित (सामान्य) विधानसभा सीटों पर गैर-आदिवासियों को समर्थन देने पर विचार कर रहा है।  


फिल्म अभिनेता गोविंद भी पहुंचे 

किसान महापंचायत में फिल्म अभिनेता गोविंदा शामिल हुए। साथ में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आनंद मोहन माथुर, व्यापम घोटाले को उजाकर करने वाले डॉ आनंद राय, आम किसान यूनियन के लीडर केदार सिरोही, कलकत्ता से वली रहमानी, मध्यप्रदेश काजी काउंसिल के अध्यक्ष इशरत अली, झारखंड जयस प्रभारी से संजय पहान, भिलिस्तान टाइगर सेना से प्रफुल्ल वसावा, राजस्थान जयस प्रभारी सुरेंद्र कटारा समेत समस्त समाज अनेक बुद्धिजीवी वर्ग शामिल हुए। साथ ही झारखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना राज्य से भी बड़ी संख्या में जयस कार्यकर्ता शामिल हुए।


यह है मांगें 

1 - धार जिले के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र मनावर, गंधवानी तहसली के 32 गांवों के प्रस्तावित विस्थापन प्रक्रिया,बड़वानी खरगोन और खंडवा के 244 गांवो को वाइल्ड लाइफ प्रोजेक्ट सेंचुरी,होशंगाबाद जिले के तिलक सिंदूर इलाके के 27 आदिवासी गांवो को टाइगर रिजर्व के नाम पर प्रस्तावित विस्तान प्रक्रिया को रद्द करना व धामनोद के 12 गांव का विस्थापन रद्द कर उचित कार्यवाही करना 


2 - धार जिले के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित सभी किसानों, आदिवासियों, मछुआरों, पीड़ितों एवं गंधवानी तहसील के बैल बाबा डेम से प्रभावित 12 आदिवासी गांवों के किसानों को स्थायी पट्टा देकर उनको पर्याप्त पुनर्वास एवं उचित मुआवजा की व्यवस्था करना. 


3 - संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून 2006 के सभी प्रावधानों को सख्ती से अविलम्ब धरातल पर लागू करना. 


4 - प्रदेश में रिक्त सभी विभागों के बेकलॉग पदों पर चुनावी आचार संहिता से पहले अतिशीघ्र भर्ती हो. 


5 - संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत जनजातीय सलाहकार परिषद (ळअउ) का मुखिया/अध्यक्ष और राज्य के राज्यपाल पद पर आदिवासी समुदाय के व्यक्ति की ही नियुक्ति हो। जनजातीय सलाहकार परिषद के सभी सदस्य आदिवासी समुदाय से हो. 


6 - प्रदेश के सभी 89 ट्राइबल ब्लाकों में बनकर तैयार किंतु बंद पड़े छात्रावासों को शीघ्र चालू करवाना. ब्लाक स्तर पर 200 छात्र-छात्राओं, तहसील स्तर पर 400 छात्र-छात्राओं, जिला स्तर पर 1000 छात्र-छात्राओं एवं संभाग स्तर पर 2000 छात्र-छात्राओं के लिए नये छात्रावास बनवाना जिसमें लाइब्रेरी, मेस, वाइफाई की सुविधा हो। मेधावी एवं असंगठित श्रमिक कर्मकार लाभ आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को भी आवास योजना व छात्रवृत्ति के साथ दिया जाए।


7 - संविधान की पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बैतूल, जबलपुर, मंडला, रायसेन, उमरिया, सीधी, खंडवा, शहडोल और होशंगाबाद में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई कॉलेज खोलना तथा सरकार द्वारा सीबीएससी स्तर के आवासीय स्कूल खोलना।


8 - प्रदेश के सभी एसटी-एससी कर्मचारी अधिकारियों के प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देने के लिए नई नियमावली जल्द से जल्द बनाकर प्रदेश के सभी विभागों में पदस्थ कर्मचारी अधिकारियों का प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया जाना।


9 - प्रदेश के आदिवासियों की संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाजों, परंपराओं को संरक्षित करने के लिए सभी 89 ट्राइबल ब्लाकों में आदिवासी संग्रहालय खोलना एवं आदिवासी हाट लगाये जाना।


10 - प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए संविदा शिक्षकों के स्थान पर स्थायी/नियमित शिक्षकों की भर्ती कर एसटी, एससी के छात्र-छात्राओं की भर्ती प्रक्रिया के दौरान बीएड, डीएड में छूट देना एवं अनुसूचित क्षेत्र में प्रोफेसर के रिक्त पड़े पदों की भर्ती करना. 


11 - प्रदेश के पांच एकड़ तक के सभी भूमिस्वामी किसानों का पूर्ण कर्जा माफ कर खेती के लिए 24 घंटे नि:शुल्क बिजली एवं फसलों के उचित दाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वेच्छिक बीमा किया जाना।


12 - प्रदेश में होने वाली समस्त आॅनलाइन परीक्षा प्रणाली को बंद कर पुरानी एक दिवसीय एक प्रश्न पत्र परीक्षा प्रणाली को लागू करना।


13 - प्रदेश के सभी 89 ट्राइबल ब्लाकों में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स खोलने के साथ-साथ आधुनिक तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र एवं जीमखाना खोलना।


14 - प्रदेश के सभी ट्राइबल ब्लाकों के प्रत्येक ग्रामों में 10 नवीन तालाबों का निर्माण कर पानी संग्रहण को बढ़ावा देकर मछली पालन के लिए सरकार द्वारा विशेष फंड दिया जाना तथा साथ ही पुराने तालाबों का गहरीकरण एवं मरम्मत की प्रक्रिया को जल्द से जल्द आदेश जारी करना।


15 - प्रदेश के सभी बेरोजगार आदिवासी युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण कर सभी बेरोजगारों के लोन की बैंक गारंटी सरकार लेवे।


16 - अनुसूचित क्षेत्रों से निकलने वाली खनिज संपदा से अर्जित आय/राजस्व का 30 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्रीय ग्रामसभा को गांव के विकास व मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए दिया जाना।


17 - आदिवासी विकास के लिए आर्टिकल 275 के अंतर्गत ट्राइबल सब प्लान का पैसा आदिवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, कुपोषण जैसी मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाना।


18 - विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त पर पूरे प्रदेश में सरकारी अवकाश घोषित कर आदिवासियों के क्रांतिकारी योद्धाओं बिरसामुंडा, टंट्या मामा, जयपाल सिंह मुंडा, भीमानायक, वीर गुंडाधुर, ख्वाजा नाइक की प्रतिमा सभी ट्राइबल ब्लाकों में स्थापित किया जाना एवं सभी क्रांतिकारियों के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना।


19 - धार जिले की कुक्षी तहसील को चुनावी आचार संहिता से पहले जिला घोषित किया जाना। 


20 - आदिवासी क्षेत्रों में फ्लोराइड युक्त जोन में फ्लोराइड फ्री पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष फिल्टर प्लांट लगाना एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित ट्राइबल ब्लाकों में आधुनिक ब्लड बैंक एवं सिकल सेल स्क्रीनींग सेंटर खोलना एवं इलाज की व्यस्था करना।


21 - प्रदेश के सभी पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में अवैध साहूकारिता को जल्द से जल्द प्रतिबंधित कर एवं सभी ट्राइबल ब्लाकों में शराब (देशी-विदेशी) पर पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाना।


22 - प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासियों के लिए अलग से विश्राम गृह बनाया जाना एवं संभागीय स्तर पर एवं सभी6 ट्राइबल ब्लाकों के विकास संबंधी समीक्षा बैठक प्रतिमाह कमिश्नर कार्यालय पर रखा जाना।


23 - मध्य प्रदेश में ऐसे क्षेत्र जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं लेकिन अनुसूचित क्षेत्र में शामिल नहीं है, उनकी समीक्षा कर उन्हें भी अनुसूचित क्षेत्र में शामिल किया जाये जैसे धार जिले की बदनावर तहसील एवं जबलपुर की कुन्डम तहसील, इत्यादि।


24 - छठवीं अनुसूचित क्षेत्रों की भांति प्रदेश के सभी पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में भी स्वशासी जिला, स्वशासी तहसील, स्वशासी ब्लाकों को मान्यता देकर सभी जिला स्तर पर आदिवासी वित्त कोष बनाकर आदिवासी समिति की निगरानी में उस कोष को आदिवासी विकास में इस्तेमाल के लिए अधिकार दिया जाना।


25 - सभी ट्राइबल ब्लाक स्तर, तहसील स्तर, जिला स्तर एवं संभाग स्तर पर आदिवासी सामूहिक भवन का निर्माण करना एवं आदिवासी संगठनों द्वारा संचालित की जा रही सभी नि:शुल्क कोचिंग के लिए सरकार द्वारा फंड उपलब्ध कराना एवं सभी ट्राइबल ब्लाकों में गिट्टी मशीन, पेट्रोल पंप और परिवहन के लिए आदिवासियों को ही लाइसेंस दिया जाना।


26 - जबलपुर जिले के सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय के परिसर में रानी दुर्गावती की मूर्ति लगाना. कालेज में ही आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय हास्टल बनवाना.


27 - मध्यप्रदेश में तेंदू पत्ता संग्राहकों को घातक केमिकल अखऊड मिलाकर जिन जिन आदिवासियों को जूते चप्पल बाटे गए संबंधित अधिकारियों के ऊपर ऋकफ कर कानूनी कार्यवाही की जाए और केमिकल के प्रभाव से पीड़ित मजदूरों के उचित स्वास्थ्य के इंतजाम किया जाए


28 - मध्यप्रदेश के रतलाम7 झाबुआ में नेशनल एक्सप्रेस वे के नाम पर  आदिवासी गांवो के विस्थापन नही किया जाए 


29 - मध्यप्रदेश के 70 हजार आथिति शिक्षको को स्थायी कर उन्हें रोजगार दिया जाए ।


30 - मध्यप्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों/सामान्य क्षेत्रो में सेवाएं दे रहे रळ/रउ शिक्षको के मेचुअल ट्रांसफर प्रक्रिया पर लगी रोक तुंरन्त हटाकर उन्हें अपने अपने क्षेत्रों में सेवाएं देने में प्राथमिकता दी जाए।

31 - आदिवासी सरकार बनने पर गरीब जनरल लोगों के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।

32- आदिवासी सरकार बनने पर एससी-एसटी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण के लिए नई नियमावली बनाई जाएगी। 

33- ओबीसी वर्ग के लिए उनके संख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाएगा।

34 - किसानों के फसलों का फ्री बीमा किया जाएगा, सिंचाई और सस्ते खाद के लिए भी योजना बनाई जाएगी।