'सत्ता का सेमीफाइनल' जीतने वालों को कांग्रेस ने 'फाइनल' में भी सौंपी कमान

भोपाल| मध्य प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए जी जान से जुटी कांग्रेस ने सत्ता के सेमी फाइनल में जीते चेहरों पर एक बार फिर भरोसा दिखाया है| मध्य प्रदेश में लगातार कांग्रेस ने उपचुनाव में भाजपा को पछाड़ कर जीत हासिल की है| इसकी शुरुआत अटेर उपचुनाव से हुई थी| पिछले साल अप्रैल में हुए अटेर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे ने कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी अरविंद सिंह भदौरिया को 857 वोटों से हराया था| इसके बाद चित्रकूट, मुंगावली और कोलारस में हुए उपचुनाव को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था, जिसमे कांग्रेस ने जीत हासिल की थी| कांग्रेस ने इस बार सभी उपचुनावों में जीते हुए प्रत्याशियों को फिर से मैदान में उतारा है|


चित्रकूट उपचुनाव 

सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा सीट पर नंवबर 2017 में उपचुनाव हुआ था जिसमें कांग्रेस ने एक बार फिर इस सीट पर अपना कब्जा कर लिया | कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह का निधन होने के चलते चित्रकूट विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था| जिसमे कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा उम्मीदवार शंकर दयाल त्रिपाठी को 14333 वोटों से हराया था| इस बार भी कांग्रेस ने नीलांशु चतुर्वेदी को मैदान में उतारा है| 


अटेर उपचुनाव 

 अटेर उपचुनाव को सत्ता का सेमी फाइनल मानते हुए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी थी| ज्योतिरादित्य सिंधिया और गोविन्द सिंह के प्रभाव वाले क्षेत्र में हुए इस उपचुनाव में बीजेपी को कड़े मुकाबले में हार मिली थी| कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्यदेव कटारे के निधन की वजह से खाली हुई अटेर सीट पर कांग्रेस ने उनके बेटे हेमंत कटारे को उम्मीदवार बनाया था, जबकि भाजपा ने कद्दावर नेता अरविंद सिंह भदौरिया पर दांव लगाया था| अटेर की जंग जीतने में हेमंत सफल हुए और पार्टी ने भी दोबारा उन्हें मौका दिया है, वहीं भाजपा से फिर अरविन्द भदौरिया मैदान में हैं| 


मुंगावली और कोलारस उपचुनाव 

इसी साल फरवरी में दोनों सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत हुई थी| सिंधिया के गढ़ में भाजपा ने पूरी ताकत लगाई थी| 19 मंत्रियों समेत 40 से ज्यादा विधायकों ने दौरे, सभाएं कीं। लेकिन बीजेपी की ये कोशिशें नाकाम रहीं।   मुंगावली में कांग्रेस ने 2124 वोट से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने बृजेंद्र सिंह यादव और बीजेपी ने बाई साहब यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस बार भी कांग्रेस ने बृजेंद्र सिंह यादव को मैदान में उतारा है| वहीं कोलारस में कांग्रेस ने 8083 वोट से जीत दर्ज की। कांग्रेस ने महेंद्र सिंह यादव और बीजेपी ने देवेंद्र कुमार जैन को अपना उम्मीदवार बनाया। इस बार भी कांग्रेस ने महेंद्र सिंह यादव को मौका दिया है | दोनों ही सीटें सिंधिया का गढ़ है और उन्ही की सहमति से दोनों उम्मीदवारों को फिर टिकट मिला है| कुल मिलाकर कांग्रेस ने सत्ता के सेमी फाइनल में जीत हासिल कर कांग्रेस की जीत की शुरुआत करने वाले प्रत्याशियों पर फिर भरोसा दिखाया है|