पूर्व सांसद की सिफारिश लेकर आया अधिकारी, नाराज मंत्री ने कर दिया सस्पेंड

भोपाल। विवादों में घिरे अधिकारी को पूर्व सांसद की सिफारिश के साथ मंत्री से मिलना महंगा पड़ गया| अधिकारी की इस कारस्तानी से नाराज मंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया| साथ ही पूर्व सांसद से फ़ोन पर ही दो टूक कहा, इसके अलावा कोई काम हो तो बताइए। वरिष्ठ अफसर के साथ बदतमीजी मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। 

दरअसल, सीधी के पूर्व सांसद मानिक सिंह की सिफारिश लेकर मिलने पहुंचे रीवा एसडीओ एसपीएस गहरवार को विभाग के मंत्री उमंग सिंघार ने निलंबित कर दिया है। उन्होंने पूर्व सांसद से दो टूक कहा, इसके अलावा कोई काम हो तो बताना। वरिष्ठ अफसर से बदतमीजी मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। गहरवार कई विवादों में घिरे हुए हैं| उन्होंने अपने डीएफओ विविन पटेल से अभद्र व्यवहार किया था। इसके अलावा उनके खिलाफ अनियमितता की भी जांच चल रही है। कार्रवाई से बचने के लिए एसडीओ गहरवार पूर्व सांसद मानिक सिंह की सिफारिश लेकर शुक्रवार को मंत्री उमंग सिंघार से मिलने पहुंच गए थे।

पूर्व सांसद की सिफारिश लेकर मिलने पहुंचे अधिकारी से मंत्री उमंग सिंघार नाराज हो गए | अधिकारी ने जैसे ही पूर्व सांसद का नाम बताया तो वह नाराज हो गए और तत्काल विभाग के अपर सचिव के. के. सिंह को फोन कर गहरवार को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। मंत्री उमंग सिंघार के निर्देश पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए गहरवार के तत्काल निलंबन के आदेश जारी कर दिए। 

एसडीओ गहरवार का विवादों का लंबा नाता है| उन पर अपने डीएफओ विपिन पटेल से अभद्र व्यवहार का आरोप है। इसके अलावा अनियमितता की भी जांच चल रही है। वे इससे पहले सीधी जिले में पदस्थ थे। वहां भी उन्होंने अपने वरिष्ठ तत्कालीन डीएफओ वायपी सिंह पर रिवॉल्वर तान दी थी।  इस मामले में पूर्व वन बल प्रमुख नरेंद्र कुमार ने गहरवार को निलंबित किया था। सीधी मामले में सस्पेंड करने के बाद गहरवाल की रीवा में पोस्टिंग हुई थी| लेकिन यहां भी वह विवादों में घिरे रहे, यहां उन पर आर्थिक अनियमितता के आरोप लगे थे। जिसकी एपीसीसीएफ सामुदायिक वन प्रबंधन परियोजना जांच कर रहे थे। इसी मामले को लेेकर पिछले साल अगस्त में गहरवार ने डीएफओ पटेल से उन्हीें के कक्ष में जाकर अभद्र व्यवहार किया था।  

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