चुनाव से दो माह पहले तक होगा परिसीमन, तय समय पर नहीं होंगे निकाय चुनाव!

भोपाल। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव प्रणाली में बदलाव के अध्यादेश को राज्यपाल लालजी टंडन से मंज़ूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी करने विधि विभाग के पास भेज दिया गया है। इस तरह अब प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव नई तरह से कराने का रास्ता साफ हो गया है। नई व्यवस्था के कारण अब समयसीमा पर नगरीय निकाय चुनाव नहीं हो सकेंगे। प्रदेश के ज्यादातर नगरीय निकायोंं का कार्यकाल जनवरी में पूरे हो रहा है। 

नई व्यवस्था के बाद अब प्रदेश में महापौर के चुनाव नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था से चुनाव में बड़े बदलाव किए गए हैं। परिसीमन चुनाव से दो माह हले तक होगा। सूत्रों के मुताबिक नवंबर तक वार्डोंं का परिसीमन होगा। परिसीमन पूरा होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता लिस्ट एक जनवरी 2020 की स्थिति में जारी करेगा। महापौर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण 15 फरवरी को होगा। इस हिसाब से तय समय पर चुनाव अब नहीं हो पाएंगे।

इसके लिए शासन को संचालन समिति गठित करनी होगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होने की वजह से महापौर का चुनाव अब निर्वाचित पार्षदों का पहला सम्मेलन बुलाकर राज्य निर्वाचन आयोग कराएगा। सम्मेलन चुनाव परिणाम की अधिसूचना जारी होने के 15 दिन के भीतर करना होगा। इसमें ही सभापति और उपाध्यक्षों का भी चुनाव आयोग कराएगा। यह काम पहले शासन स्तर से होता था।


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