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एमपी में फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, शरारती तत्वों ने तोड़ी आंबेडकर की मूर्ति

मुरैना।

देश में महापुरुषों की मूर्ति तोड़ने का सिलसिला अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा रहा है।अभी हाल ही में दो दिन पहले यूपी के बिजनौर  में कुछ अराजक तत्वों द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ी गई थी और आज मध्यप्रदेश के मुरैना में फिर बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने की घटना को अंजाम दिया गया है।घटना के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

बता दें कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मुरैना में भी भारी हिंसा हुई थी। इसके बाद कई जगहों पर डॉ. अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने की घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद एहतियातन सभी जगहों पर प्रतिमा के आसपास पुलिस का पहरा लगाया था।हालांकि इसके बाद पूरे प्रदेश में हालात सामान्य हो गए थे, इसी मौके का फायदा उठाकर असामजिक तत्वों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। 

जानकारी के अनुसार, घटना जौरा थाना क्षेत्र के कैमरा गांव की है। जहां शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात में अज्ञात लोगों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ दिया ।इसकी जानकारी सुबह ग्रामीणों को लगी। मूर्ति के तोड़े जाने के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला अफसर और पुलिस भी मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल पर मुआयना किया। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। गुस्साए ग्रामीणों को पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी, लेकिन अभी भी गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

गौरतलब है कि देश में मूर्ति तोड़े जाने की घटना की शुरुआत त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधानसभा चुनाव में जीत के साथ हुई थी। जहां रूसी क्रांति के महानायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को गिराया गया था। इस घटना के तुरंत बाद तमिलनाडु में दो जगहों पर समाज सुधारक और ई वा रामासामी पेरियार की मूर्ति को तोड़ा गया था। फिर पश्चिम बंगाल में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी तोड़ा गया था।तब से आज तक मूर्ति तोड़ने का सिलसिला जारी ही है।


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