कटी फसलों पर पानी: सोयाबीन, मक्का, उड़द को भारी नुकसान, राहत की आस

राजगढ़| मनीष सोनी| बारिश के अभाव में किसानों ने जैसे-तैसे खेतों में फसल तैयार कर ली है। पहले से ही कर्ज में डूबे किसानों की फसल की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में अब कटाई का समय आते ही बारिश का संकट सताने लगा है। मध्यप्रदेश के  राजगढ़ जिले में अचानक तेज हवा के साथ हुई 2 दिन की बरसात से खेत मे कट कर रखी हुई उड़द ,मक्का, सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान  हुआ है ,वही किसानों के खेत मे लहराह रही मक्का की खड़ी फसल गिर गई , किसानों के खेत मे पानी भर गया , जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है ।राजगढ़ जिले के खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है जिससे किसानों के खेतों की करीब 50%से अधिक फसल नष्ट हो चुकी है ।

राजगढ़ के अंबावता  गांव  के किसान मांगीलाल ने बताया कि हमारे खेत की सोयाबीन,उड़द ,मक्का की फसल नष्ट हो चुकी है बारिश से मांगीलाल ने 3 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है ,अब उनका कहना है कि वो कर्ज कैसे चुकाएंगे ,कैसे बच्चों को पढ़ायेंगे, कैसे हम गुजारा करेंगे ,50 से 60% नुकसान है ,हमने बैंक से कर्ज लिया है । अब हमें इस कर्ज से आत्म हत्या करना पड़ेगा

अंबावता गाँव के युवक किसान  बलवीर का कहना है कि 2 दिन की बारिश से उनके खेत मे पूरी फसल खराब हो गई है , ओर वो सरकार से चाहते है कि अब उनके नुकसार का सर्वे करवा कर मुआवजा दिया जाए ,बलवीर का कहना है कि उनके खेत मे 50%नुकसान हुआ है , 3 लाख से अधिक का कर्ज है ।।

कछोटिया गाँव के चौथमल नामक  किसान ने बताया कि बारिश की वजह से उनके खेत की सोयाबीन भी खराब हो गई , 80%उनके खेत मे नुकसान है , ओर बेकार हुई फसल वो जानवरो के खाने के लिए निकाल रहे है , ओर सरकार से आस लगा कर बैठे है कि सरकार कुछ तो करेगी नही तो मजदूरी करके तो खाना ही है ।  किसान भवँर लाल का कहना है कि उनके खेत की सोयाबीन ओर मक्का बर्बाद हो गई बारिश से ,उनके 15 विगा जमीन की फसल बारिश के पानी से नष्ट हो गई ।


क्षेत्र में दिनों से जो वर्षा हुई है उससे खेतों में पानी भरा है| जो खेत में फसलें काट कर रखी हुई थी, उनमें पानी भरने की शिकायत मिली है उसमें कृषि विभाग और राजस्व विभाग के संयुक्त टीम से जांच कराई जाएगी|

-खिलचीपुर SDM प्रवीण प्रजापति