ग्वालियर के अभिनील जायेंगे जकार्ता एशियाड, MP से इकलौते खिलाड़ी का ऑनलाइन गेम्स केटेगरी में चयन

ग्वालियर। आम तौर पर मोबाइल गेम खेलने पर बच्चों को माता पिता से डांट फटकार मिलती है लेकिन ग्वालियर के एक ऑनलाइन मोबाइल गेम प्लेयर को इस समय अपने माता पिता से  प्यार और दुलार मिल रहा है।  इसकी वजह ये है कि ये ऑनलाइन खिलाड़ी इसी गेम की दम पर जकार्ता  एशियाड में खेलने जा रहा है , जहाँ ये शहर और प्रदेश  के साथ साथ  देश का नाम भी रोशन करेंगे। 

देश के खेल मानचित्र पर ग्वालियर का नाम रोशन होने के बाद अब विश्व पटल पर ये रोशन होने वाला है।  सबसे बड़ी बात ये है कि  इस बार जिस गेम में ये होने वाला है वो ना तो फील्ड गेम है  ना वाटर स्पोर्ट्स और ना ही किसी और केटेगरी का स्पोर्ट्स। ये है ऑनलाइन गेम केटेगरी का गेम।  जिसका नाम है गेम एरीना ऑफ़ वेलर।  ग्वालियर के मधुबन एन्क्लेव में रहने वाले अभिनील  बाजोरिया मोबाइल ऑनलाइन गेम खेलने के शौक़ीन रहे है।  एमबीबीएस सेकण्ड  ईयर में पढ़ने वाले अभिनील ने मोबाइल गेम को प्रोफेशनली खेलना शुरू किया और एरीना ऑफ वेलर में परफेक्ट हो गए।  टीम के साथ खेले जाने वाले इस गेम में उन्होंने फिर अपने टीम मेंबर  बनाये और फिर ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में खेलना शुरू किया।  बीती जुलाई में अभी तक  की सबसे बड़ी प्राइज मनी 6 लाख वाले ऑनलाइन टूर्नामेंट समर टूर्नामेंट ऑफ एरीना ऑफ़ वेलर में अभिनील की टीम ने 2  लाख रुपये का पहला पुरस्कार जीता।   

अभिनील ने बताया जकार्ता तक पहुँचने के लिए उनकी टीम ने पहले साउथ ईस्ट एशिया क्वालीफायर राउंड जीता।  पकिस्तान , भूटान , नेपाल , म्यांमार आदि देशों के ऑनलाइन खिलाडियों को मात दी, इनकी टीम का नाम है ExDee  GAMING .  इस जीत के बाद और कई राउंड जीते।  जिसके बाद इंडियन ओलम्पिक एसोसिएशन के निर्देश पर ई  स्पोर्ट्स  फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने उनका चयन किया। वे अपनी टीम के साथ 22 अगस्त बुधवार की रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जकार्ता जायेंगे।   अभिनील साउथ ईस्ट एशिया की टीम के कप्तान हैं उनके साथ मुंबई के तन्मय कुमार, बेंगलुरु के गिरिधर के संजीव,दिल्ली के हर्ष मान और पुणे के विश्वजीत सिंह तोमर जा रहे है। अभिनील ने बताया कि जकार्ता एशियाड में ई स्पोर्ट्स को प्रदर्शन मैच की तरह शामिल किया गया है , लेकिन 2020 के जापान ओलम्पिक में इसमें मैडल दिए जाएंगी ऐसी उम्मीद की है।  उन्होंने भरोसा जताया है कि वो जकार्ता में ग्वालियर और प्रदेश के साथ देश का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।  

अभिनील  की इस उपलब्धि पर  उनकी दादी, माँ  और पिता बहुत खुश हैं।  जीआर मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर (आर्थोपेडिक) पदस्थ पिता  डॉ राजवीर सिंह बाजोरिया कहते हैं कि हम मोबाइल गेम  खेलते समय इसे डांटते थे।  लेकिन ये पढ़ाई के साथ साथ  चुपचाप खेलता रहता था , उन्हें पता ही नहीं चला कि  उनका बेटा प्रोफेशनल ऑनलाइन प्लेयर कब बन गया है। और इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली।   बेटे की इस उपलब्धि पर पूरा परिवार ख़ुशी से फूला नहीं समा रहा हैं।  उनका कहना है कि उनकी इच्छा है कि ये जकार्ता में अच्छा प्रदर्शन करे अवार्ड जीते  और फिर ओलम्पिक में देश के लिए मैडल लेकर आये।