प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भस्‍मारती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी, प्रशासन पर उठे सवाल



उज्जैन।

हमारा देश भारत धर्म और संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है, इसी वजह से देश-विदेश के लोग इस संस्कृति से जुडऩे के लिए यहां आते है।इसके साथ ही धर्म के नाम पर जुड़ी लोगों की अपार श्रद्धा से वह मंदिरों, आश्रमों, और डेरों तथा विभिन्न धार्मिक गोलकों में दिल खोल कर दान करते हैं। लेकिन अब अब धर्म के नाम पर लूट की जा रही है, लोगों को धोखा दिया जा रहा है। ताजा मामला देश के सबसे बड़े औऱ पूरे विश्व में प्रसिद्ध उज्जैन के महाकाल मंदिर का है। जहां भस्मारती में अनुमति के नाम पर श्रद्धालुओं से मुंह मांग पैसा मांगकर उन्हें अंदर एंट्री दिलवाई जा रही है, मंदिर प्रशासन के नियम के अनुसार हर दिन नंदी हॉल में 100 अनुमति भी जारी नहीं की जा रही है।जबकि हर दिन 250 से अधिक श्रद्धालु नंदी हॉल में बैठकर भस्मारती दर्शन कर रहे हैं। 

दरअसल, देश-विदेश से श्रद्धालु भस्मारती दर्शन की चाह लिए उज्जैन आते हैं। तय संख्या से अधिक भक्तों के आने पर कई लोगों को अनुमति नहीं मिल पाती। ऐसे में दलाल इसका फायदा उठाते हैं और मनचाहे दाम पर अनुमति बेचते हैं। वही पंडित-पुरोहित के यजमान सहित कर्मचारियों से जुड़े लोगों को यहां बैठा दिया जाता है। इसके एवज में मोटी रकम वसूल की जाती है। बताया जा रहा है कि मुफ्त में होने वाली भस्म आरती के लिए अब 1000 से लेकर 2000 रुपे तक रुपये वसूल करते हैं। वही ऐसे में महाकाल की भस्मारती संबंधी एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धालुओं से भस्मारती के नाम पर पैसे की वसूली की जा रही है, जबकि महाकाल मंदिर में भस्मारती बिल्कुल निःशुल्क है। इस वीडियो और घटना के बाद मंदिर प्रशासन पर सवाल उठने लगे है।वही एक सवाल और खड़ा हो रहा है कि आखिर ये श्रद्धालु कहां से आ रहे हैं।इनको प्रवेश कौन दे रहा है। जब इस बारे में मंदिर प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली।इस पूरे मामले में कुछ मंदिर कर्मचारियों, पंडितों और यजमानों के भी नाम भी सामने आये है लेकिन ये जांच के बाद साफ़ हो पायेगा।


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