लापरवाही पर गिरी गाज, कृषि विकास अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित, चार अन्य को नोटिस

वही कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विदिशा तहसील कार्यालय में अटैच किया गया है।

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विदिशा, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में इन दिनों शिवराज सरकार (Shivraj government) अधिकारी कर्मचारियों को लेकर सख्त नजर आ रही है। लगातार काम में लापरवाही बरतने के मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही। इसी तरह एक मामले में सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) पर की जाने वाली शिकायत व समय पर निराकरण नहीं करने के कारण कृषि विकास अधिकारी (Agricultural development officer) को निलंबित (suspended) कर दिया गया। इसके साथ ही चार अन्य अधिकारी को नोटिस थमाया गया है।

दरअसल मामला मध्य प्रदेश के विदिशा (vidisha) का है। जहां शनिवार को तहसील परिसर स्थित पटवारी सभाकक्ष में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायत को लेकर समीक्षा बैठक की गई थी। समीक्षा बैठक में जांच के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत की लिस्ट काफी लंबी निकली। जहां कर्मचारियों द्वारा मामले का निराकरण नहीं करने की बात भी सामने आई।

इस दौरान कृषि विकास अधिकारी अशोक सिंह कौरव (Ashok Singh Kaurava) से सीएम हेल्पलाइन शिकायत के बारे में जानकारी मांगी गई लेकिन उनके पास शिकायत की पूरी जानकारी नहीं मिली। जिसपर सख्त कार्रवाई करते हुए अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह (Vrindavan Singh) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और शाम को निलंबन का आदेश भी जारी कर दिया गया।

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इतना ही नहीं अपर कलेक्टर ने बताया कि कृषि विकास अधिकारी द्वारा कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। वहीं लापरवाही के कारण किसान कि शिकायत का निराकरण कर उन्हें राशि का भुगतान किया गया जबकि एक अन्य किसान के 8 साल से लंबित मामले का निराकरण आज तक नहीं किया गया। इस दौरान उन्होंने चार और अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बता दे कि सूचना मिलने के बाद अपर कलेक्टर सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करने शनिवार को विदिशा पहुंचे। जब उन्हें पता चला कि 350 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में से कृषि विकास अधिकारी गौरव ने महज 27 शिकायतों का निराकरण किया जबकि 237 मामले अभी भी लंबित पड़े हुए हैं। वही कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विदिशा तहसील कार्यालय में अटैच किया गया है।