अधिकारी-कर्मचारियों को लेकर शिवराज सरकार का एक और फैसला

राज्य सरकार ने आईसीपी केसरी (ICP Keshri) की अध्यक्षता में 4 आईएएस अफसरों (IAS Officers) की कमेटी का गठन किया है।

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में अधिकारी कर्मचारी की नियुक्तियों को लेकर नए नियम बनाए जाएंगे। इसके लिए शिवराज सरकार (Shivraj government) ने तैयारी कर ली। वही नियुक्ति के नियम और प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार ने आईसीपी केसरी (ICP Keshri) की अध्यक्षता में 4 आईएएस अफसरों (IAS Officers) की कमेटी का गठन किया है। दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने आदेश जारी करते हुए कमेटी को 2 महीने के अंदर अधिकारी कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम, प्रक्रिया एवं संशोधन कर सरकार को भेजने की बात कही है।

बता दें कि कमेटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईसीपी केसरी के अध्यक्षता में 4 आईएएस अफसरों को शामिल किया गया है। जिनमें सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी, नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव, प्रशासन अकादमी में ओएसडी रूही खान और उद्योग विभाग के सचिव जॉन किंग्सले को सदस्य बनाया गया है।

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यह टीम अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम एवं प्रक्रिया में संशोधन करेगी। इसके अलावा पद के हिसाब से अधिकारी कर्मचारियों की योग्यता तय की जाएगी। जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि भविष्य को देखते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती के नियम में भी संशोधन किया जाए। इसके साथ ही साथ यह कमेटी अधिकारी कर्मचारी के लिए 20:50 के फार्मूले पर भी नए नियम बनाएगी।

इसके अलावा अधिकारी कर्मचारियों के कामकाज का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उनके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की भी अनुशंसा करेगी। ज्ञात हो कि अभी तक कई ऐसे नियम है। जिसमें संशोधन की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि तृतीय कर्मचारी की टाइपिंग परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद उनकी नियुक्ति की जाती लेकिन सरकारी कामकाज डिजिटलाइज्ड होने के बाद इस नियम में संशोधन की आवश्यकता है।

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बता दें कि शिवराज सरकार ने ये पहल 28 साल के बाद की है। जहां कर्मचारियों की भर्ती नियुक्ति प्रक्रिया, योग्यता, पद और प्रमोशन को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। क्लर्क स्तर पर ज्यादा संशोधन करने की आवश्यकता होगी क्योंकि निर्वाचन के बाद मध्य प्रदेश में 52 विभाग थे जो अब बढ़कर 64 हो गए हैं। इसलिए कर्मचारियों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। वहीं कमिटी भविष्य के हिसाब से नई भर्ती, कार्यशैली और प्रोन्नति की रूपरेखा तैयार करेगी।

वहीँ अब मंत्रालय में 1800 पद खाली है। जिसमें सचिवालय में ही 300 पदों पर कई वर्षों से नियुक्ति नहीं हुई है। इसके बाद अब इन पदों पर नियुक्ति के लिए नियम एवं प्रक्रिया में संशोधन के लिए कमेटी का गठन किया गया है। गौरतलब हो कि इससे पहले मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने 1992 में ऐसी कमिटी का गठन किया था। तब छत्तीसगढ़ भी मध्यप्रदेश का हिस्सा हुए करता था।