कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया का एक और विवादित बयान, बोले- हम और मुसलमान एक ही पिता की संतान

इसके पहले भी फूल सिंह बरैया ने इसी सभा में एक और आपत्तिजनक भाषण दिया था और सवर्णों की महिलाओं के लिए काफी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था।

दतिया, डेस्क रिपोर्ट। भांडेर (bhander) से कांग्रेस congress के प्रत्याशी (candidate) फूल सिंह बरैया ने (Phool singh baraiya) ने एक और विवादित बयान दिया है ।एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए फूल सिंह बरैया ने कहा कि अभी भी वक्त है कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को जाग जाना चाहिए वरना सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे।

उन्होंने कहा कि मुसलमानों से भारत छोड़ने की बात करने वाले सवर्णों को पहले खुद देश छोड़ना चाहिए क्योंकि वह मुसलमानों के बाद भारत आए हैं ।इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि हम अनुसूचित जाति के लोग और मुसलमान एक ही पिता की संतान हैं चाहे तो डीएनए टेस्ट करा लिया जाए ।उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के एक भाषण का उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार जब हिंदुओं ने अंग्रेजों से भारत छोड़ने की मांग की तो चर्चिल ने कहा कि अगर भारत के मूल निवासी इस बात मांग करेंगे तो विचार किया जाएगा। सवर्ण तो खुद बाद में भारत आए हैं। उन्होंने लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा यदि हम एक हो गए तो वे 15 है हम 85 ।वे मुकाबला नहीं कर पाएंगे। इसके पहले भी फूल सिंह बरैया ने इसी सभा में एक और आपत्तिजनक भाषण दिया था और सवर्णों की महिलाओं के लिए काफी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था।

क्या कहा था बरैया ने महिलाओ के बारे मे

अनुसूचित जाति (scheduled caste) के लिए आरक्षित सीट पर वोटरों को संबोधित करते हुए फूल सिंह बरैया ने कहा कि सवर्ण वर्ग के लोगों का कुत्ता अगर अनुसूचित जाति के लोग छू लेता हैं तो वे उस कुत्ते को अनुसूचित जाति के घर बांध आते हैं। इसलिए अनुसूचित जाति के लोगों को भी सवर्णों के घर जाकर उनकी महिलाओं को लड्डू खिलाने चाहिए, जिससे वह भी अस्पृश्य हो जाएं और फिर सवर्ण वर्ग के लोग उन्हें अनुसूचित जाति के घर के लोगों के घर छोड़ आएं। इस तरह अनुसूचित जाति के लोगों के दो-दो पत्नियां हो जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर चंबल संभाग में पहले से ही वर्ग विभेद को लेकर हिंसात्मक घटनाएं हो चुकी हैं। और अब फूल सिंह बरैया के इस बयान में एक बार फिर सनसनी मचा दी है। अब देखना यह है कि इस बयान पर चुनाव आयोग क्या कार्रवाई करता है