किसानों को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

शिवराज सरकार ने गैर लाइसेंसी साहूकारों से किसानों को बचाने और उनके व्यापार पर प्रतिबंध लगाने के लिए किसानों के हित में फैसले लिए हैं।

सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देशभर के किसान आंदोलन (farmer protest) के बीच मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में शिवराज सरकार (shivraj government) किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है। जहां प्रदेश के किसानों को गैर लाइसेंसी साहूकारों (Non licensee moneylenders) के कर्ज से मुक्ति मिलेगी। इसके लिए राजस्व विभाग (Revenue Department) ने मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण विमुक्ति विधेयक का मसौदा तैयार कर विधि विभाग (law Department) को भेज दिया गया है। जहां माना जा रहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इसे प्रस्तुत किया जाएगा।

दरअसल राजस्व विभाग ने मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण विमुक्ति विधेयक का मसौदा तैयार किया है। जिसे विधि विभाग को भेज दिया गया है। वही चर्चा है कि शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को प्रस्तुत किया जा सकता है। वहीं अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो प्रदेश के छोटे और मझले किसानों को गैर लाइसेंसी साहूकारों के लिए ऋण से मुक्ति मिलेगी। हालांकि सरकार ने इसमें भूमिहीन कृषि श्रमिकों को शामिल नहीं किया है। जिन्हें शामिल किया जाना प्रस्तावित है।

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इस विधेयक की मंजूरी के बाद 15 अगस्त 2020 से पहले यदि किसी किसान ने किसी गैर लाइसेंसी साहूकार से कोई ऋण लिया है तो ऐसे किसानों का ऋण माफ कर दिया जाएगा और किसानों को कर्ज नहीं चुकाना होगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि यदि प्रस्तावित विधेयक के मसौदे पर कानूनी अध्ययन 28 दिसंबर से पहले पूरा हो जाता है तो इसे शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है वरना फरवरी 2021 के बजट सत्र (Budget session) में इस विधेयक को पेश किया जाएगा।

इसके साथ ही विधेयक में ऐसे प्रावधान किए जा रहे हैं जैसे अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए प्रावधान किए गए थे। विधेयक के मसौदा के मुताबिक यदि कोई साहूकार जबरदस्ती कर्ज वसूली की कोशिश करता है उसे 2 साल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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गौरतलब हो कि सीएम शिवराज (CM sivraj) ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों को सूदखोरों से बचाने के लिए सहकारी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया की शुरुआत की थी। संशोधन विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद एक बार फिर सीएम शिवराज के मुख्यमंत्री बनते ही राष्ट्रपति से साहूकारी अधिनियम में संशोधन की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही साथ अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति अधिनियम में संशोधन के साथ ही प्रदेश के अनुसूचित जनजाति के किसानों को शिवराज सरकार बड़ा फायदा देने जा रही है।

बता दें कि प्रदेश में गैर लाइसेंसी साहूकारों से ऋण लेने की बात कही किसान कर्ज के दवाब में आत्महत्या जैसे वीभत्स कदम उठा लेते हैं। इसके बाद शिवराज सरकार ने गैर लाइसेंसी साहूकारों के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने और उनसे किसानों को बचाने के लिए किसानों के हित में फैसले लिए हैं।