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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध (crime) को रोकने के लिए शिवराज सरकार (shivraj government) बड़े कदम उठा रही है। मध्यप्रदेश में अपराधों को रोकने के लिए महिला थाना का शुभारंभ किया गया था। अब राज्य शासन द्वारा प्रदेश के 700 थानों में महिला हेल्पडेस्क (help desk) बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। वही व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है।

दरअसल प्रदेश के 700 महिला हेल्पडेस्क बनाई जाएगी। तीन श्रेणियों में इस डेस्क का गठन किया जाएगा। जहां अपराध के रिकॉर्ड मुताबिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्यालय के आदेश के तहत सभी जिलों में महिला दिवस के मौके पर महिला डेस्क का शुभारंभ किया जाएगा। वही इन महिला हेल्प डेस्क को ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क (Urja Women’s Help Desk) नाम से जाना जाएगा।

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महिला हेल्पडेस्क के प्रभारी संबंधित थाना के थाना प्रभारी होंगे। इसके अलावा पदस्थ महिला अधिकारी वहां का संचालन करेंगी। जबकि प्रधान आरक्षक हेल्प डेस्क के समन्वयक रहेंगे। जिन महिला थानों में अपराधों की अधिक संख्या होगी। उसे पहली श्रेणी में जबकि उससे कम संख्या वाले अपराधों के थानों को दूसरी श्रेणी और सबसे कम अपराध संख्या वाले थानों को तीसरी श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

महिला हेल्प डेस्क के प्रथम श्रेणी में वैसे थानों को शामिल किया जाएगा जहां 1 वर्ष में 75 से अधिक महिला अपराध हुए हैं। वहीं इन थानों में एक महिला उप निरीक्षक, दो प्रधान आरक्षक और 4 आरक्षकों को नियुक्ति किया जाएगा। जबकि दूसरी श्रेणी में ऐसे रहनिं को शामिल किया जाएगा जहां महिला अपराधों की संख्या 40 से 75 के बीच रही हो। ऐसे थानों में महिला उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक सहित आरक्षकों के कुल 4 पद रहेंगे। जबकि तीसरी श्रेणी में उन थानों को शमेल किया जाएगा। जहां एक साल में 40 से कम महिला शिकायतें आती है। ऐसे थानों में महिला उप निरीक्षक या प्रधान आरक्षक का एक और आरक्षक के तीन पद रहेंगे।