Breaking News : भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू , जानें क्या होगा ख़ास

गृहमंत्री ने कहा कि निश्चित ही इस प्रणाली के लागू होने से न केवल पुलिस और कानून में बेहतर सुधार होगा बल्कि पुलिस का मनोबल भी बढ़ेगा।

भोपाल, गौरव शर्मा । मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज शाम प्रेस वार्ता कर भोपाल और इंदौर जिले में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लागू करने की घोषणा की है। इस घोषणा का ड्राफ्ट सरकार द्वारा पहले ही पूर्ण रूप से तैयार कर लिया गया था और जिसको आज नोटिफिकेशन जारी कर लागू कर दिया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि निश्चित ही इस प्रणाली के लागू होने से न केवल पुलिस और कानून में बेहतर सुधार होगा बल्कि पुलिस का मनोबल भी बढ़ेगा।

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उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले दो वर्षों से लगातार ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जिससे पुलिस का मनोबल बढ़ता है। इसमें उन्होने पुलिस की क्रमोनत्ति और पदोनत्ति का उदाहरण दिया जिसमे कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल , हेड कांस्टेबल को ASI , ASI को TI और TI को SDOP के रूप में पदोन्नति मिली। मिश्रा ने कहा कि कोरोना जैसे भयावह समय में पुलिस के जवानों ने ना केवल पूरी निष्ठा से आमजन की सेवा की बल्कि आम इंसान की नज़र में पुलिस की छवि को भी बदला और इन सभी कार्यों के लिए सरकार द्वारा पुलिस के जवानो को मैडल देकर सम्मानित भी किया गया।

 

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न केवल इतना बल्कि E -FIR , FIR आपके द्वार, पुलिस के कैंपो में बदलाव, पुलिस विभाग के आधुनिकरण की बात हो या होमगार्ड के जवानो को मुख्यधारा से जोड़ने की बात हो, सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में बढ़चढ़कर काम किया है। मिश्रा ने बताया कि सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ विधेयक लाने का काम भी गृह विभाग द्वारा जारी है। मध्यप्रदेश राज्य पूरे प्रदेश में जिस तरह से आम जनता की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है यह अपने आप में एक उदाहरण है। पुलिस कमिश्नर प्रणाली का भोपाल और इंदौर में लागू होना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज नोटिफिकेशन जारी कर आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। उन्होने कहा कि इस एक्ट के तहत पैरोल पर छोड़े जाने के अधिकार, एसिड बेचने या रखने की कार्यवाही का अधिकार, वैश्यावृति में धकेली गई महिलाओं को मुक्त करा शेल्टर होम पहुंचने का अधिकार, बैन संगठनों पर कार्यवाही का अधिकार या कानून के खिलाफ कार्य करने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने का अधिकार , गोपनीय कागज रखने का अधिकार या ट्रांसपोर्ट नियम के अंतर्गत कुछ अधिकार आदि दिए गए हैं।

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गृहमंत्री ने बताया कि भोपाल में पुलिस आयुक्त ,पुलिस महा निदेशक और अतरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के एक एक पद होंगे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक और उपमहानिरीक्षक के दो पद होंगे ,पुलिस उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के आठ पद होंगे ,अतिरिक्त पुलिस आयुक्त,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के दस पद होंगे , सहायक पुलिस आयुक्त और उप पुलिस अधीक्षक स्तर के 33 पद होंगे ,पुलिस अधीक्षक ग्रामीण का एक पद इसमें होगा। इंदौर में भोपाल से कुछ बदलाव रहेंगे जिसमे अतरिक्त पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के 12 पद होंगे, जबकि पुलिस सहायक आयुक्त के 30 पद होंगे। इसके अलावा इसमें CRPC की धारा १०७ और ११६ की पद्मादत्मक कार्यवाही, CRPC की धारा 144 और १४४/1 की कार्यवाही और NSA के 9 पुलिस अधिनियम शामिल रहेंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को भोपाल के 38 थाने और इंदौर के 36 थाना क्षेत्रों में लागू किया गया है। CRPC की धारा 20,106,124,129,132,144,144(1) के तहत मजिस्ट्रियल शक्तियां अब इन्हें प्राप्त रहेंगी। प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए पुलिस एक्ट 1861,बंदी अधिनियम 1900,बिस अधिनियम 1919,अनैतिक व्यपार अधिनियम 1956,विधि विरुद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1967,मोटरयान अधिनियम 1988,अदि में संशोधन किया जाएगा। आखिर में जानकारी देते हुए गृहमंत्री ने बताया कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होते ही यह बदलाव इंदौर और भोपाल में नियमित रूप से लागू कर दिए जाएंगे।