सीएम शिवराज ने किया समिति का गठन, इन मंत्रियों को मिली प्रमुख जिम्मेदारी

शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों के हित मैं बड़े फैसले लेते हुए सब कमेटी का गठन किया है

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने धान की मिलिंग (Milling of paddy) और समस्या के निराकरण के लिए सब कमेटी (sub committee) का गठन किया है। निकाय चुनाव से पहले समिति का गठन करने का मुख्य उद्देश्य गरीबों तक स्वस्थ अनाज पहुंचाना और आमानक चावल की समस्याओं का निराकरण करना होगा। अब समिति यह तय करेगी अच्छा चावल गरीब तक कैसे पहुंचे।

सीएम शिवराज के अध्यक्षता में सब कमेटी का गठन किया गया। वहीं कमेटी में मंत्री कमल पटेल (kamal patel), बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal Singh), जगदीश देवड़ा (jagdish devda) अरविंद भदौरिया (arvind bhadauriya) सहित रामकिशोर कावरे (ramkishore kavare) को सदस्य बनाया गया है। इस कमिटी का काम अमानक चावल की गड़बड़ी सहित धान की मिलिंग पर नजर रखना होगा। साथ ही साथ अमानक चावल की गड़बड़ी का निस्तारण करने की जिम्मेदारी भी इस समिति की होगी।

Read More: MIG-21 हादसा: शहीद ग्रुप कैप्टन आशीष गुप्ता को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

इस मामले में बोलते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि धान की मिलिंग और निस्तारण के लिए समिति का गठन किया गया है। पिछले साल कई जगह मानक चावल और साथ में चावल में गड़बड़ी की कार्रवाई सरकार द्वारा की गई थी लेकिन पिछले 1 साल में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। अगर ऐसा होता है तो समिति द्वारा गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले का तत्काल निराकरण किया जाएगा। बिसाहूलाल सिंह ने कहा गरीबों तक अनाज कैसे पहुंचे। इस समिति का मुख्य मुद्दा यह तय करना होगा।

बता दें कि पिछले साल कई ऐसे मामले उजागर हुए थे। जहां प्रदेश की जनता को जानवर को खिलाने वाले चावल बांटे जा रहे थे। इतना ही नहीं मिल द्वारा करोड़ों रुपए के चावल बदलकर उनके जगह पर अमानक चावल की बिक्री की जा रही थी। जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई थी। वही घटिया चावल को जांच के लिए भेजा गया था और उसके उठाव और वितरण पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद शिवराज सरकार द्वारा अमानक चावल और चावलों की गड़बड़ी मामले में समिति के गठन की बात कही गई थी।