शिवराज सरकार के इस फैसले पर कॉंग्रेस ने जताई नाराजगी

भोपाल।

मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि के आदेश को आगामी आदेश तक स्थगित करने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके शिवराज सरकार को निशाने पर लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्वीट में कहा है कि ऐसी विषम परिस्थिति में सरकार द्वारा लिया गया उनके निर्णय वाकई निंदनीय है। हालाकि ये पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने शिवराज को निशाना बनाया है। सत्ता से हटने के बाद कांग्रेस लगातार शिवराज पर निशाना साधते रही है। अभी हाल के ही एक ट्वीट में कांग्रेस ने ट्वीट करके कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी पहुंचे विधायकों को निशाने पर लेते हुए ये कहा था कि जनता का लॉक डाउन 21 दिन बाद ख़तम हो जाएगा किंतु 22 जयचंद को जनता उम्रभर का लॉक डाउन देगी। वहीं एक ट्वीट में कांग्रेस ने कहा है कि जब पूजा कि थाली, आरती का दिया, मन्दिर का कलश और भगवान के फूल पर डंडे चलाने लगे तो तो समझ लेना चाहिए कि उस शासक का अंत निश्चित है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट में कहा है कि शिवराज सरकार का यह कर्मचारियों पर सीधा हमला है, जो ना कि केवल निंदनीय है बल्कि ना ही बर्दाश्त करने योग्य है। दरअसल मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश दिया गया था।जिसमें एक जुलाई 2019 से छठे एवं सातवें वेतनमान के लिए 164% तथा 17% वृद्धि दर की घोषणा की गई थी। जहां मार्च 2020 में वेतन में महंगाई भत्ते का नगद भुगतान होना था। किंतु प्रदेश में कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार की खाली खजाने को देखते हुए फिलहाल सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही प्रदेश के लाखों कर्मचारी के महंगाई भत्ते में जो प्राण 5% की वृद्धि की गई थी उस पर रोक लगा देने के बाद प्रत्येक कर्मचारी को 1000 से लेकर 6000 तक का मासिक नुकसान उठाना पड़ेगा।