Damoh By-Election: पल पल बदल रहे सियासी समीकरण, नई पारी की तैयारी में मलैया परिवार

सिद्धार्थ मलैया अपनी बातचीत के दौरान इशारों में ही अपने लक्ष्य को रखने का प्रयास कर रहे हैं।

दमोह, आशीष कुमार जैन। दमोह विधानसभा के उपचुनाव (Damoh By-Election) में पूर्व कांग्रेस (congress) के विधायक राहुल सिंह लोधी (rahul ingh lodhi) को भाजपा (bjp) का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद दमोह में राजनीति का अध्याय बदलता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे हालात में 35 सालों से दमोह की राजनीति पर राज्य करने वाला मलैया परिवार अब नई पारी की शुरुआत में है। हालांकि अभी पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया ने किसी भी तरह से चुनाव के संकेत नहीं दिए हैं। लेकिन उनका हर एक कदम आगामी उपचुनाव को लेकर तैयारी करता हुआ नजर आ रहा है।

दमोह की राजनीति के केंद्र बने सिद्धार्थ मलैया

भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया (jayant malaiya) के पुत्र सिद्धार्थ मलैया (Sidharth malaiya) इन दिनों दमोह की राजनीति के केंद्र बन गए हैं। दरअसल मुख्यमंत्री के दमोह आगमन के दौरान ही जब मंच से राहुल सिंह लोधी को दमोह विधानसभा के प्रत्याशी के तौर पर भाजपा ने घोषणा की, तो वरिष्ठ भाजपा नेता जयंत मलैया की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

तब से लेकर अब तक उनके पुत्र सिद्धार्थ मलैया के अनेक बयान सामने आ चुके हैं, और वे अब जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं। जन आशीर्वाद यात्रा के तहत वे कोर्ट परिसर स्थित बार रूम में पहुंचे, जहां पर अधिवक्ताओं से मुलाकात की और अपनी बात रखी। इस दौरान कभी नरम तो कभी गरम अंदाज में अपनी बात रखते हुए सिद्धार्थ मलैया नजर आए।

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जन आशीर्वाद यात्रा निकाल कर कर रहे लोगों से मुलाकात

पत्रकारों से भोज के दौरान सिद्धार्थ मलैया ने जन आशीर्वाद नाम से यात्रा निकालने की बात कही थी। इस यात्रा के दौरान वे अनेक लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। साथ ही जनता की नब्ज टटोलने का प्रयास भी चल रहा है। ऐसे हालात में भी अनेक संगठनों से अनेक स्थानों पर अनेक अंचलों में पहुंचकर के बातचीत कर रहे हैं। लोगों की सुन रहे हैं और अपनी सुना रहे हैं। जिससे वे आगामी चुनाव के लिए लोगों की सोच जान सकें तथा लोगों के विचारों से अवगत हो सकें। यही कारण है कि जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान वे लगातार ही अब वे तेज गति से लोगों से मुलाकात करने में जुटे हुए हैं और यही इस यात्रा का लक्ष्य भी है।

दमोह के लोगों से विभिन्न मुद्दों पर कर रहे बातचीत संकेत की भाषा का कर रहे हो उपयोग

सिद्धार्थ मलैया अपनी बातचीत के दौरान इशारों में ही अपने लक्ष्य को रखने का प्रयास कर रहे हैं। कभी वे नरम होकर बोलते हैं, तो कभी गरम होकर अपनी बात रखते हैं। उनकी हर एक गतिविधि पर दमोह की तमाम राजनीतिक पार्टियों की नजर है। ऐसे में आगामी दिनों में विशेष रुप से भाजपा की नीव को मजबूत करने वाला यह परिवार क्या नया करता है।

यह सभी की जिज्ञासा का केंद्र भी है लेकिन इसके लिए अभी ना तो सिद्धार्थ मलैया ने कोई बात कही है और ना ही उनके पिता पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने, लेकिन अब लोगों में इस परिवार के अगले कदम का इंतजार भी है और चर्चाएं भी है कि यह परिवार क्या कदम उठाता है। यह तो आगामी दिनों में सामने आएगा।