दुर्गा उत्सव, रावण दहन, मूर्ती विसर्जन के यह होंगे नियम, विस्तृत गाइडलाइन जारी

गृह विभाग ने धार्मिक आयोजनों और त्योहारों को लेकर जारी किये विस्तृत दिशा निर्देश

Durga utsav

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| सरकार ने धार्मिक आयोजनों और त्योहारों को लेकर गाइडलाइन (Durga Utsav Guideline) जारी की है| इसमें दुर्गा उत्सव, रावण दहन, प्रतिमा विसर्जन, चल समारोह और गरबा आयोजनों को लेकर गृहविभाग (Home Minister) द्वारा सभी जिलों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गए हैं|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के आदेश के बाद नवरात्रि उत्सव के लिए गाइडलाइन में बदलाव किया गया है। अब दुर्गा प्रतिमाएं छह फीट से ऊंची बन सकेंगी और पांडाल का आकार भी 30 गुणा 45 फीट होगा। इसके साथ ही दुर्गा उत्सव में चल समारोह की अनुमति नहीं होगी तथा आयोजन समिति के अधिकतम 10 व्यक्ति दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे। दुर्गा उत्सव पर गरबा करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के साथ दशहरा उत्सव पर रामलीला एवं रावण दहन किया जा सकेगा|

रावण दहन के लिए यह हैं निर्देश
रावण दहन के पूर्व परंपरागत श्रीराम के चल समारोह प्रतीकात्मक रूप से होगा| रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा कलेक्टर की पूर्व अनुमति प्राप्त कर आयोजित किए जा सकेंगे| 15 अक्टूबर के बाद होने वाले आयोजनों में संख्या की सीमा जिला कलेक्टर द्वारा नियत की जा सकेगी| सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना से बचाव के तारतम्य में झांकियों पंडालों, विसर्जन के आयोजनों, रामलीला तथा रावण दहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु/दर्शक फेस कवर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा|

मूर्ती विसर्जन के लिए यह नियम
मूर्ति विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा| मूर्ति को विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी इसके लिए आयोजकों को प्रथक से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा| जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाए ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो| विसर्जन की विकेंद्रीकृत व्यवस्था पर भी जिला शांति समिति तथा जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी में भी विचार किया जा सकता है|

चल समारोह, गरबा पर रोक
कोरोना को ध्यान में रखते हुए धार्मिक सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी| विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह की भी अनुमति नहीं होगी, साथ ही गरबा के आयोजन नहीं हो सकेंगे| लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गार्डन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा|

मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य
सभी आयोजनों में मास्क लगाना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना आदि सावधानियां पूरी तरह अनिवार्य रहेंगी। ऐसी झांकियां नहीं बनाई जा सकेंगी, जिनमें किसी भी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो।