दक्षता परीक्षा : इस दिन होंगे एग्जाम, परिणाम नहीं किए जाएंगे सार्वजनिक, निर्देश जारी

हालाकि परीक्षा में ओपन बुक प्रणाली के तहत परीक्षा देनी होगी। जहां किताब खोल कर वो एग्जाम दे पाएंगे। वहीं उनके मूल्यांक को गौण रखा जाएगा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिक्षकों की दक्षता परीक्षा (Teachers proficiency test) लिए जाने के विरोध में प्रदेश भर के शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिसके बाद अब लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of public education) में केविएट दायर की है। वहीं लोग शिक्षण संचालक के आयुक्त जयश्री कियावत ने इस संबंध में निर्देश जारी किए।

दरअसल शैक्षणिक सत्र 2019 की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में 40 फीसद से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की दक्षता परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा पहले 26 और 27 दिसंबर को होनी थी लेकिन शिक्षकों के विरोध को देखते हुए परीक्षा की तिथि बढ़ा दी गई थी। परीक्षा 3 व 4 जनवरी को होगी। जहां प्रदेश के 7910 शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे।

वहीं इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा का आयोजन करने का तरीका अनुचित है है। शिक्षकों का कहना है कि यदि दक्षता का किंग करना ही है तो नगरपालिका से लेकर मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक सबका दक्षता आकलन किया जाए 1 शिक्षकों ने कहा है कि दक्षता की परीक्षा कर्मचारियों के साथ भेदभाव और समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

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उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ भी विरोध में 

इधर माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की 10वीं और12वीं परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए शिक्षकों की दक्षता परीक्षा के विरोध में अब उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ भी उतर गया है। उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश विधिक सलाहकार दिनेश सिंह भदौरिया सहित तमाम शिक्षकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने मांग की है कि प्रदेश स्तर की वरिष्ठता सूची जारी की जाए। शिक्षकों की दक्षता परीक्षा पर रोक लगाई जाए और शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण पर जोर दिया जाए। वहीँ सहायक संचालक शिक्षा पद में सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए और विभागीय परीक्षा से इन पदों को भरा जाए।

परिणाम कम होने पर दी जाएगी दो माह की अवधि

वहीँ परीक्षा में मिडिल स्कूल 6300 और हॉयर सेकेंडरी के 1600 शिक्षक का परीक्षा के जरिए दक्षता आकलन किया जाएगा। इस परीक्षा में गणित विषय से सबसे ज्यादा 1900 शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षकों की कॉपियों का मूल्यांकन उसी दिन किया जाएगा और परीक्षा परिणाम कम होने पर उन्हें दो माह की अवधि दी जाएगी। हालाकि परीक्षा में ओपन बुक प्रणाली के तहत परीक्षा देनी होगी। जहां किताब खोल कर वो एग्जाम दे पाएंगे। वहीं उनके मूल्यांक को गौण रखा जाएगा।

बता दें कि इस परीक्षा में सभी शिक्षकों को पूर्ण रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है और अनुपस्थित होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस परीक्षा में सबसे ज्यादा भिंड जिले से, दूसरे नंबर पर बेतूल और तीसरे नंबर पर अलीराजपुर से शिक्षक शामिल होंगे। इससे पहले 2019 में भी शिक्षक की दक्षता परीक्षा ली गई थी। जहां को शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दे दी गई थी।