एमपी के पूर्व संगठन मंत्री अरविंद मेनन पर कोलकाता में हमला, बीजेपी नेता का टीएमसी पर आरोप

जिसका आरोप अरविंद मेनन(Arvind menon) ने सीधे-सीधे तृणमूल कांग्रेस(TMC) पार्टी पर लगाया है।

arvind menon

कोलकाता, डेस्क रिपोर्ट। पश्चिम बंगाल(west bengal) में लगातार बीजेपी नेताओं(bjpleaders) के साथ मारपीट की खबर सामने आ रही है हालांकि इस मुद्दे पर ममता सरकार(Mamta government) ने चुप्पी साध रखी है। इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन(Arvind menon) के साथ पश्चिम बंगाल राजधानी कोलकाता में मारपीट की गई। जिसका आरोप अरविंद मेनन(Arvind menon) ने सीधे-सीधे तृणमूल कांग्रेस(TMC) पार्टी पर लगाया है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव होने हैं। जिसकी जिम्मेदारी बीजेपी(bjp) ने राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन(Arvind menon) को सौंपी है। इस सिलसिले में वह कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर काम करने के लिए एवं रणनीति के लिए टीम गठित करने के लिए कोलकाता(kolkata) पहुंचे थे। कोलकाता में अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है।

जानकारी के मुताबिक बंगाल में बीजेपी नेता पर एक के बाद एक हमले हो रहे हैं। कई ऐसे मामले में बीजेपी नेताओं के संदिग्ध अवस्था में मौत की खबर सामने आई है। जिसमें ममता सरकार ने चुप्पी साध रखी थी। जिसके बाद ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाल में प्रदर्शन भी किए गए थे। आरोप लगाया जा रहा है कि इसी प्रदर्शन के बाद अज्ञात द्वारा इस मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया है।वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व संगठन मंत्री अरविंद मेनन ने इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है जबकि तृणमूल कांग्रेस(TMC) के नेताओं ने मारपीट की घटना से सिरे से इनकार किया है।

बता दें कि इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की खराब होती स्थिति को लेकर ‘नबन्ना’ की ओर मार्च किया था। जिसके बाद पोलिस को कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम (एनडीएमए) का उल्लंघन करने को लेकर भाजपा के 100 से अधिक समर्थकों को हिरासत में लिया गया था। वहीँ नेताओ और पुलिस में झड़प भी हुई थी। जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा था कि ममता दीदी द्वारा राज्य की शक्ति के दुरुपयोग के बावजूद हम बंगाल की जनता के साथ खड़े हैं। हमारे भाजयुमो के बहादुर कार्यकर्ताओं ने उन्हें सचिवालय को बंद करने पर बाध्य कर दिया। यह इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है।

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