भर्ती से पहले रिक्त पद और प्रमोशन का काम पूरा करे सरकार- मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ

गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान में विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं। स्वास्थ्य विभाग में अनेक पीजी चिकित्सक वर्षों से कार्यरत है। उनका प्रमोशन नही हुआ है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना काल (corona era) के दौरान शिवराज सरकार (shivraj government) ने चिकित्सक सहित पीजी मेडिकल ऑफिसर (PG Medical officer) की भर्ती का ऐलान किया है। विशेषज्ञ के कई पद रिक्त होने के साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी को लेकर अब मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ (Madhya Pradesh Medical Officers Association) के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र गोस्वामी (devendra goswami) का कहना है कि सरकार को पहले रिक्त पद और प्रमोशन (promotion) का काम पूरा करना चाहिए। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान में विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं। स्वास्थ्य विभाग में अनेक पीजी चिकित्सक वर्षों से कार्यरत है। उनका प्रमोशन नही हुआ है। इसलिए वे आकस्मिक केजुलटी ड्यूटी करते रहते हैं। जिससे उनकी विषय विशेज्ञता का लाभ मरीजों को मिलने में परेशानी आती है। उनकी विशेषज्ञता का लाभ मरीजों को मिले। गोस्वामी ने मांग की है कि

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1) कार्यरत पीजी चिकित्सकों को विशेषज्ञ के पदों पर अपग्रेड कर दिया जाए। जिससे उनकी विषय विशेज्ञता का लाभ मरीजों को अच्छे से मिलेगा।

2) इस प्रक्रिया में शासन पर कोई वित्तीय भार भी नही आएगा । क्योंकि अधिकांश पीजी मेडिकल ऑफिसर का ग्रेड पे विशेषज्ञ के ग्रेड पे 6600 के समकक्ष है या उससे अधिक हैं।

3) लगभग 900 पीजी चिकित्सक विभाग में वर्षों से कार्यरत है। अगर इन सभी को विशेषज्ञ पद पर अपग्रेड किया जाएगा तो जन हित मे विभाग में एक साथ लगभग 900 विशेषज्ञ मिलेंगें औऱ इससे मरीजो को लाभ मिलेगा।

4) सीधी भर्ती से पूर्व पीजी चिकित्सकों को विशेषज्ञ पद पर अपग्रेड करने में विभाग में व्यवहारिक या कार्य करने की पद्धति पर भी कोई विपरीत प्रभाव नही पड़ेगा अपितु इससे मरीजो को विशेषज्ञ चिकित्सकों का मार्गदर्शन अच्छे से मिल सकेगा। शासन के इस कदम को कोरोना काल मे चिकित्सकों के द्वारा किए गए कार्यों का प्रोत्साहन माना जा सकता है जिससे चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा।

5) यह पदोन्नति नही है केवल पद अपग्रेडेशन है इसलिए सभी pgmo को अपग्रेड किया जा सकता है। इसके लिए सभी उपलब्ध विशेषज्ञ पदों को अगर उपलब्ध pgmo के अनुसार रिऐलोकेट कर दिया जाए तो सभी कार्यरत pg चिकित्सक अपग्रेड हो जाएंगे। जिससे जनहित के शासन के इस निर्णय से जन मानस को एक साथ लगभग 900 विशेषज्ञ मिलेंगे। और स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार आएगा।

6) अस्पतालों में मरीज opd या casualty में दिखाने आता है । opd में अधिकांशतः विशेषज्ञ चिकित्सक मरीज को देखते हैं और casualty में मेडिकल ऑफिसर । मेडिकल ऑफीसर मरीज को देखने पर आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ के पास भेजता है या फिर भर्ती करता है वँहा पर भर्ती मरीज को विशेषज्ञ देखता है। इसलिए सीधी भर्ती से पूर्व कार्यरत पीजी चिकित्सकों को विशेषज्ञ पद पर अपग्रेड किया जाना चाहिए। जिससे कि अस्पतालों में जनहित में मरीज हित मे अच्छा कार्य हो सकेगा।

7) कार्यरत पीजी चिकित्सकों को विशेषज्ञ पद पर अपग्रेड करने से मेडिकल ऑफिसर के पद रिक्त माने जाएंगे और उन पर रेगुलर मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की जा सकेगी।* उन पर रेगुलर मेडिकल ऑफिसर की विधिवत भर्ती की जा सकेगी जिससे शासन को इस पान्डेमिक में डॉक्टरों की कमी से हुई परेशानी में जनहित में राहत मिलेगी और नियमित शासकीय सेवा का अवसर नए चिकित्सकों को प्रदान करने से उनका भी शासकीय सेवा के प्रति रुझान बढ़ेगा।

8) कार्यरत सभी पीजी मेडिकल ऑफिसर को विशेषज्ञ के रिक्त पदों पर अपग्रेड करने में किसी cr आदि की आवश्यकता नही रहती है क्योंकि जब सीधी भर्ती की जाएगी तो उसमें कोई cr की जरूरत नही होगी अगर दोनों के लिए नियम अलग रहेंगे तो कानूनी समस्या आ सकती है। इसलिए भर्ती से पूर्व कार्यरत सभी pg चिकित्सकों को विशेषज्ञ के पदों पर अपग्रेड करना चाहिए।

इसके साथ ही मध्य प्रदेश चिकित्सा संघ ने बाबा रामदेव के एलोपैथी और आयुर्वेद लड़ाई पर बोलते हुए कहा कि कोरोना काल में हमें इस तरह के वाद-विवाद से बचकर लोगों की सेवा के लिए सामने आना चाहिए। हम एलोपैथी का भी सम्मान करते हैं और हम आयुर्वेद का भी सम्मान करते हैं।