इंदौर, आकाश धौलपुरे। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों को लेकर प्रदेशभर में आज कांग्रेस (Congress) द्वारा आधे दिन के ऐच्छिक बंद का एलान किया गया है पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने अपील की है कि लोग स्वैच्छिक बंद का समर्थन करे ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार की नींद खुल सके। शुरुआती दौर में इंदौर (Indore) में बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। कही कोंग्रेसियों की गांधीगिरी नजर आई तो कही व्यापारी बोलते नजर आए न कांग्रेस और न बीजेपी खाने को देती है तो बंद काहे का ?

दरअसल पेट्रोल (Petrol) के दाम 100 रुपये तक छूने के बाद कांग्रेस (Congress) सड़क पर नजर आ रही है और इसी के चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में विरोध का बिगुल फूंका गया जिसका असर मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी देखने को मिला। यहां आज सुबह 7 बजे से ही कांग्रेस नेता, नेत्रियां और कार्यकर्ता सड़को पर नजर आये और सभी ने व्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की। इंदौर में बंद के दौरान दो बातें प्रमुखता से सामने आई जिसके मुताबिक शहर में बीजेपी के गढ़ नंदानगर क्षेत्र में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैल गाड़ी की तर्ज पर दो पहिया वाहन को खींचा और गांधीगिरी दिखाते हुए शुरू की गई दुकानों के मालिकों को गुलाब के फूल भेंटकर उनसे बंद की अपील की जिसके बाद दुकानदार मान गए और उन्होंने बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की बात मानकर शटर गिरा दिए।

वही दूसरी ओर शहर के ह्रदय स्थल राजबाड़ा पर एक रेस्टोरेंट संचालक के पास दुकान बंद कराने की गुहार लेकर पहुंची महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि यादव और अन्य नेत्रियां पहुंची तो उनसे संचालक से जमकर बहस हुई। संचालक ने कहा कि मेरा काम नही चला तो एक दिन का किराया और वेतन कौन देगा। दुकान संचालक ने कहा कि बंद से क्या मिलेगा और साथ ही उसने कहा कि उसे न तो बीजेपी खाने को देती है और न कांग्रेस। वो खुद कमाकर खाता है। इसके बाद पीछे खड़े कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने कहा यहां से चलो क्योंकि ये दुकान संचालक  को फोटोबाजी का शौक है और हर मौके पर ये ऐसा ही करता है। बता दे कि शुरुआती दौर में शहर की अधिकांश दुकाने बंद है लेकिन कांग्रेस के इस बंद ने एक सवाल इन्दौर के लिहाज से तो खड़ा कर दिया है दरअसल, इंदौर में जब कांग्रेस के बंद की समय सीमा समाप्त होगी उसी समय से शहर के प्रमुख बाजार खुलते है लिहाजा, कुछ दिन पहले ही व्यपारियो बे कांग्रेस को सलाह दी थी कि बंद कराना हो तो पूरे दिन का कराओ। फिलहाल, इंदौर में बेलगाम महंगाई का मिला जुला असर देखा जा रहा है।