कोरोना की रफ्तार और टीकाकरण अभियान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान

इतना ही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई तरह की संभावना जताई गई है। हालांकि देश तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी में जुटा है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में कोरोना (corona) संक्रमण की स्थिति के बीच बीते दिनों ग्वालियर में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (jotiraditya scindia) ने संकट प्रबंधन समिति की बैठक में भाग लिया। इस दौरान मीडिया (media) से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने का एकमात्र उपाय टीकाकरण (vaccination) है और देश भर में टीकाकरण के लिए दिसंबर तक 200 करोड़ खुराक तैयार की जाएगी। इतना ही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि टीकाकरण अभियान में तेजी की जरूरत है और देश के हर शहर हर कोने में यह अभियान चलाया जाना जरूरी है।

मीडिया से बात करते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आश्वासन के बाद देश में दिसंबर तक टीकाकरण के लिए 200 करोड़ खुराक उपलब्ध करवाई जाएगी जोकि भारतीय नागरिकों के लिए पर्याप्त होगा। वही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के कार्यों की सराहना करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा सीएम शिवराज (CM Shivraj) और उनकी टीम द्वारा जिस तरह से प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर काम किया गया है। वह बेहतरीन है। प्रदेशवासियों को सावधान रहने की जरूरत है। प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार लगातार घट रही है। हमें सावधान रहने के साथ ही संक्रमण को रोक सकते हैं।

Read More: कोरोना संदिग्ध ने की आत्महत्या, परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया हत्या का आरोप

इतना ही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई तरह की संभावना जताई गई है। हालांकि देश तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी में जुटा है। अभी और ज्यादा तैयारी की जरूरत है। इसके लिए अभी से काम करना होगा ताकि यदि भारत को तीसरी लहर का सामना करना पड़े तो उसे किसी तरह की दिक्कत ना आए।

बता दें कि लगातार बढ़े संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए कई चिकित्सकों तथा अन्य विशेषज्ञों द्वारा भारत में कोरोना की तीसरी लहर का जिक्र किया गया है। जिसके बाद राज्य सरकार सहित भारत सरकार ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। वही विशेषज्ञों की माने तो तीसरी लहर का असर बच्चों पर होगा। इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी अनिवार्य है। जिसको लेकर मोदी सरकार गंभीर है और लगातार इसके लिए बड़े फैसले रही है।