MP Board: 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए शासन का बड़ा फैसला, विभाग ने जारी किए निर्देश

इसके अलावा शिक्षकों अथवा वालेंटियर के सहयोग से बच्चो से घर पर रहते हुए कुछ अन्य गतिविधियां भी कराई जा सकती है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोविड 19 का असर न सिर्फ बड़ी कक्षाओं के बच्चो की पढ़ाई पर पड़ा है बल्कि वर्ष 2020 से मध्य प्रदेश में भी स्कूल (MP School) बंद होने के चलते छोटे बच्चे भी स्कूल जाने से वंचित रह गए है। इन्ही परेशानियों को ध्यान मे रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग (school education department) 15 जून से आओ सीखे कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। जो 15 जुलाई तक चलेगा। MP Board 1 से 8वीं तक के छोटे बच्चों का भावनात्मक विकास और शैक्षणिक समझ विकसित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग यह कार्यक्रम चला रहा है।

MP Board आओ सीखे कार्यक्रम में व्हाट्सएप ग्रुप (whatsapp group) के माध्यम से अलग अलग छोटे ऑडियो (audio) और वीडियो (video)भेजे जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग हमारा घर-हमारा विद्यालय (our home our school) के अंतर्गत बच्चो में विषय की शुरुआती समझ को विकसित करने के लिए प्रयास अभ्यास पुस्तिका का वितरण भी करेगा।

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15 जुलाई से पहले प्रयास अभ्यास पुस्तिका का वितरण किया जाएगा। पुस्तिका के वितरण और मुद्रण के संबंध में सभी जिला परियोजना समन्वयकों को भी निर्देश दिए गए है। MP Board 48 पेज की इस सामग्री को जिले स्तर पर कक्षा 1 और 2 , वही 3 से 5 तक कि कक्षा के लिए बहुरंगी तथा कक्षा 6 से 8 के लिए ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट (black and white print) में मुद्रित कराकर बच्चो को उनके घर पर कार्य करने के लिए 15 जुलाई के पूर्व उपलब्ध करानी होगी।

राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक धनराजू एस के अनुसार बच्चो के शैक्षणिक उन्नयन के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने विभिन्न चरणों मे कार्य करने की योजना तैयार की है। इसके अलावा शिक्षकों अथवा वालेंटियर के सहयोग से बच्चो से घर पर रहते हुए कुछ अन्य गतिविधियां भी कराई जा सकती है। पालक अभिभावक और बच्चे इन गतिविधियों के फोटो और वीडियो बनाकर अपने शिक्षकों को भेज सकते है।

फिलहाल कोविड 19 संक्रमण से प्रदेश भी उबरने के प्रयास कर रहा है। वही लगातार मार्च 2020 से स्कूल शिक्षा भी प्रभावित हुई है। ऐसे में प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के इस तरह के प्रयास भी बच्चो के लिए फायदेमंद साबित हो सकते है। फिलहाल घर मे रहकर ही बच्चे अध्ययन जारी रख सकेंगे।