MP College: कॉलेजों को मिली जिम्मेदारी, उच्च शिक्षा विभाग को सौंपना होगा रिपोर्ट

वहीं प्रबंधन द्वारा सौंपी गई उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर अधिकारी नियमित कक्षाएं लगाने की रूपरेखा तैयार करेंगे।

उच्च शिक्षा विभाग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। जनवरी महीने से प्रदेश के कॉलेजों (mp college) को खोल दिया गया है। जहाँ UG फाइनल ईयर और पीजी थर्ड सेमेस्टर (PG Third semester) की कक्षाएं शुरू की गई थी। इसके साथ ही सारे कोर्स के विद्यार्थियों को ओड इवन (Odd Even) के तहत कॉलेज बुलाया जाने लगा है। वहीं प्रदेश में नियमित कॉलेज (regular classes) कक्षा चालू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग (higher secondary education) ने प्रबंधन को हर महीने रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल कॉलेजों द्वारा विद्यार्थी की उपस्थिति के रिकॉर्ड हर महीने उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराने हैं। इतना ही नहीं प्रबंधन को कॉलेज ने ऑफलाइन कक्षाओं के जरिए कितने प्रतिशत सिलेबस पूरे कर दिए गए हैं। इसकी भी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी। वहीं प्रबंधन द्वारा सौंपी गई उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर अधिकारी नियमित कक्षाएं लगाने की रूपरेखा तैयार करेंगे। रिपोर्ट्स की माने तो प्रदेश के 30% कॉलेज में छात्र छात्राएं 50 फीसदी तुलना के साथ कक्षा में उपस्थित रहे हैं।

Read More: कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह का विवादित बयान, कहा- चोट्टों को नहीं दूंगा चंदा

वहीं इस मामले में अधिकारियों का कहना है के कॉलेज में उपस्थित और सिलेबस पूर्ति के रिकॉर्ड प्रत्येक महीने कॉलेजों को उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराने हैं। कॉलेज प्रत्येक महीने के आखिरी सप्ताह में एक रिपोर्ट बना कर विभाग को भेजेंगे। वही कॉलेज के रिकॉर्ड मिलने के बाद नियमित रूप से कक्षा लगाने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल 3 महीने के लिए इसी प्रणाली के तहत कक्षाएं संचालित की जाएगी।

बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना को देखते हुए 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ कॉलेज खोलने की सहमति दी गई है। हालांकि कॉलेज में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही साथ विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति के बाद ही कॉलेज में प्रवेश दिया जा रहा है। कॉलेजों में भी नियमित कक्षाएं ना संचालित करके एक या 2 दिन के अंतराल पर कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के सिलेबस को पूरा करना है।