MP Corona: eVIN की मदद से स्वास्थ्य विभाग वितरित करेगा कोरोना वैक्सीन, तैयारियां शुरू

इस सिस्टम की निगरानी eVIN नेटवर्क के जरिए की जाएगी। eVIN सिस्टम के जरिए पिछले 2 सालों से वैक्सीन का वितरण और उसके भंडारण की निगरानी पर नजर रखी जा रही है।

eVIN

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। दुनियाभर में लोग कोरोना की वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका (वैक्सीन) अंतिम रूप से विकसित तो नहीं हुआ है, लेकिन सरकार ने टीकाकरण के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है, कि साल 2021 की शुरुआत में मार्च महीने तक वैक्सीन आ जाएगी। इसके लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। यह तय किया गया है कि स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत भवनों और इसी तरह के अन्य परिसरों में कोरोना का टीका लगाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये पूरे अभियान पर नजर रखेगा।

वैक्सीन बनने के बाद उसका सही तरीके से वितरण जरूरी है। जिसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी प्रदेशों को जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश में वैक्सीन वितरण सिस्टम पहले से ही काफी मजबूत है। जिसे और मजबूत करने की ओर काम किया जा रहा है। जिसके लिए eVIN का इस्तेमाल किया जाएगा।

क्या है eVIN ?

eVIN यानी (Electronic Vaccine Intelligence Network) इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क, एक ऐसा तकनीकी सिस्टम है जिसका मकसद टीकाकरण सप्लाई चेन सिस्टम को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य कोल्ड स्टोरेज चेन पॉइंट पर वैक्सीन के भंडारण, बाजार में उपलब्धता और स्टोरेज तापमान पर रियल टाइम जानकारी देना है। यह टीकों के स्टॉक और स्टोरेज तापमान की रियल टाइम निगरानी करने के लिए एक आईटी अवसंरचना और प्रशिक्षित मानव संसाधन को आपस में जोड़ता है। इस ऐप की मदद से भारत के स्वास्थ्य केंद्रों में हर समय टीके की उपलब्धता होने की संभावना बढ़कर 99 प्रतिशत तक हो गई है।

वैक्सीन वितरण की प्लानिंग

डॉ संतोष शुक्ला ने बताया कि वैक्सीन का रखरखाव आइसलाइन रेफ्रिजरेटर में होता है और डीफ्रीजर में आइस पैक जमाते हैं। जिसका इस्तेमाल तब होता है जब वैक्सिंग को फील्ड में ले जाया जाता है। इसके लिए हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन कैरियर, कोल्डबॉक्स, स्टोरेज सिस्टम, ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपलब्ध है। वैक्सिंग वैन के माध्यम से जिला अंतर ब्लॉक तक मोक्ष वैक्सीन पहुंचाते हैं और इन सभी व्यवस्थाओं की हमने राज्य स्तर पर समीक्षा की है। जहां पर भी कमियां नजर आई है उसकी पूर्ति के लिए पूरी प्लानिंग भी कर ली है।

एक माह में वैक्सीन के दो डोज

मध्यप्रदेश में हर मंगलवार और शुक्रवार टीकाकरण दिवस होता है। जितनी भी आंगनबाड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, शासकीय अस्पताल टीकाकरण केंद्र है। वैक्सीन वितरण की तैयारियां शुरू कर दी गई है। जल्द ही भारत सरकार कोविड 19 वैक्सीन के बारे में विस्तृत जानकारी देगी। यह इंट्रा मस्कुलर डोज की तरह दिया जाएगा, यानी कि एक 1 महीने में एक व्यक्ति को वैक्सीन के 2 डोज दिए जाएंगे।

इस सिस्टम की निगरानी eVIN नेटवर्क के जरिए की जाएगी। eVIN सिस्टम के जरिए पिछले 2 सालों से वैक्सीन का वितरण और उसके भंडारण की निगरानी पर नजर रखी जा रही है। मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के टीकाकरण के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत हर साल करीब 19 लाख बच्चों और करीब 22 लाख गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसी पूरी चेन की मदद कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के लिए ली जाएगी।

बतादें पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना टीके को लेकर कहा था कि देश में कई वैक्सीन पर काम चल रहा है और उपलब्ध होते ही टीके को हर नागरिक तक पहुंचाया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा था कि, ”बरसों बाद हम ऐसा होता देख रहे हैं कि मानवता को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। अनेक देश इसके लिए काम कर रहे हैं। हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के लिए जी-जान से जुटे हैं। भारत में अभी कोरोना की कई वैक्सीन्स पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ एडवान्स स्टेज पर हैं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here