आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (Anganwadi workers) के लिए पिछले दिनों शिवराज सरकार (shivraj government) ने बड़ी घोषणा की थी। जहां पर सरकार की तरफ से मिलने वाले पोषण आहार की मॉनिटरिंग (Nutrition Diet Monitoring) के लिए पोषण ट्रैकर एप (Nutrition Tracker App) लॉन्च किया गया था। साथ ही ऐप के संचालन के लिए हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 200 रुपए अलग से दिए जाने की घोषणा की गई थी।

अब इस मामले में पेंच फसता नजर आ रहा है । दरअसल मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए बांटे जाने वाले पोषण आहार की मॉनिटरिंग के लिए पोषण ट्रैकर ऐप की शुरुआत की जाएगी। इससे पहले भोपाल में इसके लिए ट्रेनिंग का भी आयोजन किया जा रहा है। बावजूद इसके आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ऐप में कई तरह की खामियां बताई जा रही है। दरअसल ऐप को इंस्टॉल करने के बावजूद उस में तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है।

वही पुराने वर्जन के फोन में ऐप सपोर्ट भी नहीं कर रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐप बहुत ही स्लो है साथ ही पुराने मोबाइल वर्जन को सपोर्ट नहीं करता है। बावजूद इसके मध्य प्रदेश बाल विकास विभाग द्वारा सोमवार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है।

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इधर दूसरे राज्य में भी जिन लोगों ने इस ऐप का इस्तेमाल शुरू किया। उनका कहना है कि ऐप की गति काफी धीमी है। और इसमें बग्स की समस्या है। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि हिंदी भाषी कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस में जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाएंगे क्योंकि यह ऐप हिंदी भाषा में कोई जानकारी प्राप्त नहीं कर रहा है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश में अधिकतर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हिंदी भाषी है। ऐसी स्थिति में इस ऐप पर अंग्रेजी भाषा में जानकारी कैसे सबमिट की जाएगी।

आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि प्रदेश के करीबन 45% के पास अभी स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है। जबकि यह पोषण ट्रैकर एप नए वर्जन के स्मार्टफोन में सपोर्टेड नहीं है। जिला परियोजना अधिकारी रामचरण त्रिपाठी का कहना है कि राजधानी भोपाल में सोमवार से 18 से 72 कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण आहार की मॉनिटरिंग करने में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े।