MP News: IAS अधिकारी से ब्लैकमेलिंग का मामला- कौन है सच्चा, कौन है झूठा

युवती का आरोप है कि जब संतोष वर्मा हरदा में पदस्थ थे तो वह उनकी पत्नी की तरह शासकीय आवास में रहती थी और जब उनका उज्जैन तबादला हुआ तो उन्होंने एक टाउनशिप में युवती को मकान दिलवाया जो वर्मा की मां के नाम है।

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भोपाल, आकाश धोलपुरे। भोपाल नगरीय विभाग (Bhopal Urban Department) मे अपर आयुक्त और राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रमोशन (promotion) पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य बने आईएएस संतोष वर्मा (IAS Santosh verma) ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।यह मामला इंदौर के लसूड़िया थाने में दर्ज किया गया है।

आईएएस का कहना है कि यह महिला उन्हें ब्लैकमेल (blackmail) कर रही है। उसने दस्तावेज में पति के रूप में उनका नाम दर्ज करा दिया है और पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र (voter ID Card) में भी पति के रूप में उनका नाम लिख दिया है। संतोष वर्मा वर्तमान में नगर प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ है।

जिस महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है वह एलआईसी एजेंट (LIC Agent) है।आईएएस में शिकायत मे बताया है कि महिला उनको एजेंट के रूप में ही मिली थी और एलआईसी के नाम पर उनसे दस्तावेज ले लिये।बाद में धोखाधड़ी करते हुए इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और मेरा नाम पति के रूप में कई जगह दर्ज करा दिया।पुलिस ने इस पूरे मामले में धारा 420 सहित कई अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
लसूडिया के टीआई के इन्द्रमणि पटेल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह महिला ओमेक्स सिटी में रहती है और इसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

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इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि 2016 में यह महिला थाने में आईएएस के खिलाफ शिकायत कर चुकी है।शिकायत के सबूत के तौर पर उसने आईएएस के साथ अपनी शादी की फोटो भी दी थी।उसका आरोप था कि जब संतोष वर्मा उज्जैन के अपर कलेक्टर थे तब उन्होंने शादी का झांसा देकर उसके साथ न केवल शारीरिक संबंध बनाए बल्कि उसे अपने साथ भी रखा।पहले वह संतोष के साथ परीक्षाओं की तैयारी भी करती रही।

इस दौरान जब दोस्ती हुई जो प्रेम में बदल गई और उसके बाद दोनों ने विवाह भी कर लिया।युवती का आरोप है कि जब संतोष वर्मा हरदा में पदस्थ थे तो वह उनकी पत्नी की तरह शासकीय आवास में रहती थी और जब उनका उज्जैन तबादला हुआ तो उन्होंने एक टाउनशिप में युवती को मकान दिलवाया जो वर्मा की मां के नाम है।हालांकि आईएएस संतोष वर्मा का पहले ही विवाह हो चुका था लेकिन उन्होंने इसे युवती को नहीं बताया और बाद में उसे शादी से इंकार कर दिया।जिसकी शिकायत उसने कई जगह की लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। वर्मा भोपाल में एडिशनल कलेक्टर और धार में जिला पंचायत सीईओ भी रह चुके हैं।इस पूरे मामले में पुलिस जांच में जुटी है कि आखिर आईएएस या महिला दोनों में से कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।