मौसम

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश मौसम (MP Weather) में एक बार फिर से परिवर्तन देखने को मिलेगा। जहाँ मौसम (weather)  के मिजाज में तेजी से बदलाव होंगे। मौसम वैज्ञानिकों ने इसके आसार जताए हैं। दरअसल 26 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में दाखिल होने की वजह से उत्तर भारत में बर्फबारी बढ़ेगी। जिसका असर मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा।

दरअसल एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत और आसपास के इलाके में सक्रिय हो रहा है। जिसका असर हवा के रुख पर पड़ेगा और हवा के रुख बदलते हुए उत्तरी और उत्तर-पूर्वी होंगे। जिससे 27 दिसंबर से प्रदेश में ठंड का जोर बढ़ जाएगा। वही तापमान (temperature) में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बीते 5 दिनों से मौसम में बढ़ रही गर्माहट एक बार फिर बेअसर होगी। पश्चिमी विक्षोभ के निर्मित होने की वजह से उत्तर पूर्वी इलाके में बर्फबारी बढ़ेगी। जिसका असर मध्य प्रदेश के इलाकों में देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के भी आसार जताए गए हैं।

वहीं मौसम विभाग ने बताया कि अभी कोई सिस्टम एक्टिव नहीं होने की वजह से हवा का रुख सामान्य है। जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शुक्रवार तक तापमान में ऐसे ही स्थिति बनी रहेगी। हालांकि शुक्रवार की शाम से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावी होने के बाद मौसम में ठंडक बढ़ जाएगी।

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इन जिलों में तापमान 8 से नीचे

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मंगलवार को पचमढ़ी सबसे ठंड रहा। जहां तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि उमरिया 5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं प्रदेश के 10 जिलों में तापमान 8 डिग्री से नीचे रहा जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के 6 जिलों में पारा 8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हवा की रफ्तार भी कम हो गई है। जहां 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है।

आखिरी सप्ताह में बढ़ेगी कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग (weather department) की जानकारी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के सिस्टम के एक्टिव होते ही उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने लगेगी। जिस से प्रेरित चक्रवात का निर्माण होगा। इससे प्रदेश में 26 दिसंबर से हवा का रुख उत्तरी होने लगेगा। वही 26 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक मध्य प्रदेश के इलाकों में शीतलहर के साथ-साथ बूंदाबांदी भी होगी। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। जिससे प्रदेश में कड़ाके की ठंड बढ़ेगी।