21 जून से लागू होगी नई वैक्सीन पॉलिसी, बदलेंगे कुछ नियम, कीमत तय

जिस पर अब केंद्र सरकार ने पॉलिसी में बदलाव किया है। वहीं नई वैक्सीन पॉलिसी 21 जून से शुरू होने जा रही है।

मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश में कोरोना की तीसरी लहर (corona third wave) के अंदेशे के बीच केंद्र सरकार (modi government) द्वारा संक्रमण पर काबू पाने के लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच सरकार नई टीकाकरण पॉलिसी (vaccination policy) की घोषणा करने वाली है। दरअसल यह पॉलिसी (policy) जून 2021 में लागू की जा सकती है। इस पॉलिसी के तहत 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार के जरिए मुफ्त में Vaccine उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले यह सुविधा सिर्फ 45 साल से अधिक के लोगों के लिए थी। वहीं केंद्र सरकार द्वारा vaccine को लेकर कीमत तय कर दिए गए हैं।

दरअसल यदि कोई Covisheild वैक्सीन के एक डोज निजी अस्पताल (private hospital) से लगाते हैं तो उन्हें अधिकतम 780 रुपए देने होंगे जबकि sputnik V वैक्सीन की एक डोज (dose) के लिए निजी अस्पताल को 1145 रुपए का भुगतान किया जा सकेगा। वहीं केंद्र सरकार ने Covaxin की एक डोज के लिए 1410 तय किए हैं। इतना ही नहीं नई नीति (new policy) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को निजी अस्पताल के जरिए टीकाकरण करवाने पर आरबीआई (RBI) की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक वाउचर की भी व्यवस्था की जा रही है। कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाले इस वाउचर को मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकेगा और वैक्सीनेशन सेंटर पर स्कैन कर इसका लाभ उठाया जा सकेगा।

Read More:  Unlock 3.0 : मप्र में लगेगा प्रतिबंध या मिलेगी रियायत, आज जारी होगी नई गाइडलाइन

बता दें कि इससे पहले 45 वर्षीय उसे अधिक के लोगों सहित हेल्थ केयर वर्कर को Vaccine मुहैया कराई जा रही थी लेकिन अस्पताल द्वारा मनमानी कीमत पर Vaccine लगाए जाने के बाद केंद्र सरकार इस पर सचेत हो गई है। वही केंद्र सरकार द्वारा 18 से 44 साल के उम्र के लोगों को टीका खरीदने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर दी गई थी लेकिन विभिन्न मोर्चों पर असफल रही राज्य सरकार के टीके की डिमांड को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में सरकार की पॉलिसी पर गंभीर सवाल उठा दिए गए थे

जिस पर अब केंद्र सरकार ने पॉलिसी में बदलाव किया है। वहीं नई वैक्सीन पॉलिसी 21 जून से शुरू होने जा रही है। इस पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार टीके बनाने वाली कंपनियों से 75% वैक्सीन की खरीदी करेगी जबकि 25% वैक्सीन कंपनी प्राइवेट अस्पताल को बेच सकेगी।