नि‍जी भूमि पर लगाए नए वृक्ष को काटने के लिए नहीं लेनी पड़ेगी अनुमति, सीएम शिवराज ने दी जानकारी

मध्यप्रदेश में वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 (Plantation Promotion Act 2020) के तहत अब किसान और अन्य लोग निजी भूमि पर लगाए गए नए वृक्षों को बिना अनुमति काट सकेंगे और सभी प्रजातियों के वृक्षारोपण कर सकेंगे। ये जानकारी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बैठक करके दी है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 (Plantation Promotion Act 2020) को लेकर बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि ‘वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के तहत निजी भूमि (Private land) पर लगाए गए नए वृक्षों को किसान और अन्य लोग बिना अनुमति के काट सकेंगे। और निजी भूमियों पर सभी प्रजाति के पेड़ों के रोपण की खुली छूट रहेगी।

बिना अनुमति के लोग काट सकेंगे पेड़

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने ट्वीट कर वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के बारे में जानकारी दी। जिसमें उन्होंने कहा कि अब कोई भी किसान और अन्य लोग अपने खेतों या फिर निजी जमीनों पर लगाए गए नए वृक्षों को बिना अनुमति लिए ही काट सकेंगे। इसके लिए अब उन्हें किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही कहा कि अब वे बिना अनुमति लिए सभी प्रजाति के पेड़-पौधे में लगा सकते है। इसके अलावा पेड़ से मिलने वाले काष्ठ या लकड़ी परिवहन (Wooden transport) जैसे कुछ मामलों को लेकर टीपी (Transfer permit) से छूट भी मिलेगी।

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सीएम शिवराज ने की बैठक

21 दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रस्तावित वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के प्रविधानों को लेकर मंत्रालय में बैठक की। जिसमें उन्होंने पेड़ काटने संबंधी बात को लेकर जानकारी देते हुए चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपने निजी जमीन पर लगे पड़े को काटने के लिए किसानों और अन्य लोगों को अनुमति लेनी होती है, जिसके लिए 7 कानून बनाए गए है। जिससे हर बार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं तहसीलदार द्वारा वन विभाग की अनुशंसा पर वृक्ष काटने की अनुमति ली जाती है। साथ ही वन विभाग द्वारा उपयोगी काष्ठ व लकड़ी की ट्रांसफर परमिट दी जाती है। जिसके लिए लगातार लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते है।

 

काष्ठ उत्पादन में होगी बढ़ोतरी

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर किसानों को अपने खेत व निजी जमीन पर काष्ठ उत्पादन और जरूरत के अनुसार पेड़ों को काटने की अनुमति के साथ परिवहन सुविधा दी जाती है, तो उनके लिए रोजगार अवसर बढ़ेंगे। साथ ही कई लोग स्वरोजगार में भी वृद्धि करेंगे। इसके अलावा सीएम शिवराज ने कहा कि इससे काष्ठ उद्योग में बढ़ोतरी होगी और वनों पर काष्ठ चोरी का मामले में भी कमी आएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ बैठक में मंत्री विजय शाह, प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के साथ अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रस्तावित वृक्षारोपण अधिनियम 2020 के प्रविधान

  • निजी भूमियों पर वृक्षारोपण के लिए सभी प्रजातियों के रोपण की खुली छूट।
  • उगाए गए वृक्षों को किसी भी उम्र में, बगैर किसी अनुमति के काट सकेगा।
  • खेत से टाल तक इमारती काष्ठ के परिवहन पर छूट दी गयी है।
  • अपने खेत या गांव में खुद का टाल स्थापित कर सकेगा जहां से काष्ठ की बिक्री इत्यादि कर सकेगा।
  • टाल में इमारती काष्ठ की प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर सकने की सशर्त सुविधा।
  • विनिर्दिष्ट वनोपज की शासकीय ई-पोर्टल के माध्यम से खेत या टाल से ही बिक्री करने व स्वयं बोली स्वीकार करने तथा सीधे भुगतान लेने की छूट।
  • सभी प्रकार के परिवहन अनुज्ञा पत्र कृषकों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्राप्त होंगे।
  • विनिर्दिष्ट वनोपज को भी काटने व टाल तक लाने की छूट।
  • वृक्षों से प्राप्त काष्ठ के परिवहन हेतु कुछ मामलों को छोड़कर ट्रांसफर परमिट से छूट।