कोराेना की संभावित तीसरी लहर को लेकर PM Modi की अहम बैठक आज, बड़ा फैसला संभव

किसानों

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। Corona की तीसरी लहर की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज मीटिंग (meeting) बुलाई है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग (health department) की मानें तो सितंबर के अंतिम तक में कोरोना की तीसरी लहर (third wave) भयावह हो सकती है। जिसको लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) मंगलवार दोपहर 3:30 बजे बैठक करेंगे इस बैठक में Corona की मौजूद स्थिति पर चर्चा की जाएगी। वहीं महामारी से निपटने के लिए अपनी तैयारियों पर रिव्यू भी किया जाएगा।

जानकारी की माने तो बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, कैबिनेट सचिव के अलावा नीति आयोग भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रत्येक बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन सहित कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर ने आतंक मचाना शुरू कर दिया। जिसको देखकर भारत अपनी तैयारी को लेकर गंभीर है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट से (NIDM)  मिल रही चेतावनी लगातार सरकार की चिंता बढ़ा रही है।

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बता दे नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (NIDM) के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का पीक अक्टूबर में देखा जाएगा। साथ ही यह कहा जा रहा है कि तीसरे लहर का असर सबसे ज्यादा होगा और इससे बच्चों में खतरा बढ़ सकता है। इस मामले में IIT कानपुर के वैज्ञानिक का कहना है कि अगर डेल्टा (delta) का संक्रमण तेजी से फैलता है तो यह सितंबर तक कई गुना आबादी को अपनी चपेट में ले लेगा। वही अक्टूबर में एक बार फिर से कोरोना का पिक देखा जा सकता है। हालांकि IIT कानपुर के वैज्ञानिक ने स्पष्ट किया है कि पहली और दूसरी लहर के समान तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक नहीं होगी।

बता दें कि इससे पहले नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट की तरफ से जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी लहर का प्रकोप टूबर में देखा जाएगा। हालांकि इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि इस वायरस का बच्चों पर ज्यादा असर होगा लेकिन वायरस (virus) अगर फैलता है तो बच्चों में खतरा बढ़ सकता है क्योंकि भारत में केवल बच्चे ऐसे हैं। जिन्हें अभी तक कोरोना की वैक्सीन नहीं दी गई है।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की माने तो कोरोना के चलते अब तक जितने भी बच्चे अस्पताल में भर्ती हुए उनमें से 60 से 70 फीसद बच्चों में कोरोना के असर देखे गए हैं। साथ ही उनके इम्युनिटी कमजोर बताई जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सहित गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है।