भोपाल, डेस्क रिपोर्ट हर साल 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस (Republic day)  के रुप में मनाते हैं। इस साल भारत अपने 72 वां गणतंत्र बना रहा है। 26 जनवरी के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) रीवा मुख्यालय में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। वही प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। जबकि भोपाल मुख्यालय में विधानसभा के सामूहिक अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा (rameshwar sharma) गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) में झंडोत्तोलन करेंगे।

इससे पूर्व प्रदेश को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि प्रदेश व देश की खुशहाली और तरक्की के लिए अपनी संपूर्ण शक्ति और ऊर्जा के साथ कर्तव्य का निर्वहन करेंगे। इससे पहले पिछले दिनों रीवा में ही सीएम शिवराज ने जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों के साथ क्षेत्र की प्रगति और जनता के कल्याण विकास के ऊपर चर्चा की थी।

आपको बता दें कि भारत के संविधान और मध्य प्रदेश का एक पुराना रिश्ता रहा है। भारत के संविधान का पहला पन्ना आज भी मध्य प्रदेश के इंदौर में रखा गया है दरअसल संविधान के पहला पन्ना पर अशोक स्तंभ की डिजाइन इंदौर के चित्रकार भार्गव द्वारा तैयार की गई थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी प्रभाव भार्गव ने उनकी स्मृतियों को सहेज कर रखा है। वहीं भारत के संविधान की मूल प्रति दिल्ली में रखी गई है। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश के विदिशा जिले का हमारे संविधान के निर्माण में काफी बड़ा योगदान रहा है। विदिशा के बाबू राम सहाय को संविधान सभा का सदस्य चुना गया था। बाबू राम सहाय राज्यसभा के सदस्य के रूप में लगातार तीन बार हजारों वर्षों तक संसद सदस्य भी चुने गए थे।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर संविधान से जुड़ी कुछ जानकारी:-

26 जून 1950 को देश में संविधान लागू किया गया जिसके बाद इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा बता दे कि हमारे देश का संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है।

हमारे संविधान में 395 अनुच्छेद है। इसके साथ ही 12 अनुसूचियां हैं। वही संविधान लागू होने से अब तक इसे 103 बार संशोधित किया गया है।

बता दें कि देश के संविधान को हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में लिखा गया है। इसके साथ ही संविधान का ड्राफ्ट करने वाली संविधान सभा के समिति ने इन दोनों कॉपियों पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

ज्ञात हो कि संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। वहीं डॉ सच्चिदानंद से नए संविधान सभा के पहले अध्यक्ष बने थे। संविधान को लिखने में कुल 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा था। जिसके बाद संविधान लागू करने से पहले उसमें दो हजार से ज्यादा संशोधन किए गए।

देश का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ था जिसे 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों ने सहमति के साथ हस्ताक्षर किए। वही पूरे देश में 26 जन 1950 को कानूनी तौर पर संविधान लागू कर दिया गया। गौरतलब है कि 26 जनवरी से 1950 को ही अशोक स्तंभ को भी राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में मान्यता दी गई थी।

जानकर ताज्जुब होगा कि हमारे देश का पूरा संविधान हाथ से लिखा गया है। इसे प्रिंट नहीं किया गया यह संविधान प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा लिखी गई है। वहीं देश के देहरादून में इसको पब्लिश किया गया था। संविधान की मूल प्रति संसद भवन की लाइब्रेरी में हिलियम से भरे डिब्बे में रखी गई है। वही आज भारत अपने जनतांत्रिक मूल्यों को 72 वें गणतंत्र दिवस के रूप में मना रहा है।