MP उपचुनाव 2020 : एक और विकेट गिरा, कांग्रेस विधायक राहुल सिंह लोधी का इस्तीफा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश उपचुनाव (Madhya Pradesh by-election) से पहले बड़ी खबर मिल रही है। मतदान से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है।  दमोह (Damoh) से काँग्रेस विधायक राहुल लोधी (Congress MLA Rahul Lodhi) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ( Rameshwar Sharma) को सौंपा है। उपचुनाव से एक हफ्ते पहले एक ओर विकेट गिरने से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है।

ऐसे में अब एक और सीट खाली हो गई है, जिस पर उपचुनाव होंगे।  लोधी के इस्तीफे के साथ ही उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई है, हालांकि कांग्रेस के विधायक रहे प्रद्युम्न सिंह लोधी (Pradyuman Singh Lodhi)  के बीजेपी में जाने के बाद से ही उनके छोटे भाई और दमोह के विधायक राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi )  के बारे में भी अटकलों का बाजार गर्म था, लेकिन वे इस बात से इंकार करते आ रहे थे,लेकिन उपचुनाव से एक हफ्ते पहले उन्होंने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। लोधी के इस्तीफे के बाद प्रदेश में 29 सीटों पर चुनाव होंगे। हालांकि यह अभी तय नही है कि दमोह पर अभी चुनाव होंगे या इसके लिए अलग से तारीख घोषित की जाएगी।

पिछले महिने किया था इंकार

दरअसल, कांग्रेस के विधायक रहे प्रद्युम्न सिंह लोधी के बीजेपी में शामिल होने के बाद राहुल लोधी का एक बयान सामने आया था, जिसमें  उन्होंने  साफ कहा था कि उनकी आत्मा कांग्रेस (Congress) में बसती है। साल 2003 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) दमोह आए थे, उसी समय उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था और वह तब से लेकर अब तक कांग्रेस के ही साथ हैं। कांग्रेस ने ही उन्हें दमोह विधानसभा (Damoh Assembly) में अपना प्रत्याशी बनाया और उन्होंने BJP के गढ़ में सेंध लगाते हुए यह सीट भाजपा से छीन कर कांग्रेस के पाले में डाली थी। राहुल सिंह लोधी ने कहा था कि उनको कांग्रेस पार्टी ने विधायक बनाया है और वे हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे, लेकिन उपचुनाव से एक हफ्ते पहले उन्होंने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है।

बीजेपी पर लगाए थे खरीद-फरोख्त के आरोप

हैरानी की बात तो ये है कि बीते महिनों ही राहुल सिंह ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल ने कहा था कि परिस्थितियां कैसी भी आ जाएं लेकिन वह किसी भी हालात में कांग्रेस (Congress) का हाथ नहीं छोड़ेंगे। वही उन्होंने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। राहुल सिंह ने खुलासा करते हुए कहा कि मेरे कांग्रेस से जाने का तो सवाल ही नहीं उठता। मेरे पास पहले भी कई बार ऑफर आया है, लेकिन मैं नहीं गया। कांग्रेस मुझे राजनीति में लाई है, इसलिए मैं कांग्रेस के साथ हूं। संघर्ष की लड़ाई सभी जगह होती है। असली राजनेता वह है जो इन समस्याओं से लड़ता रहे और जनता की सेवा करता रहे, इसलिए उनके सामने कै सी भी परिस्थिति आ जाए, वे कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ेंगे ।

वर्तमान में मप्र विधानसभा की सीटों का गणित
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कुल 230 विधानसभा सीटें है, जिनमें से 28 पर उपचुनाव (By-election) हो रहे है।वर्तमान में भाजपा (BJP) के पास अभी 107 सीटें हैं और बहुमत के लिए उसे 9 सीटों पर जीतना जरूरी है। वहीं कांग्रेस (Congress) के पास 88 सीटें हैं और बहुमत के लिए उसे 28 सीटों पर जीत की जरूरत है, लेकिन राहुल लोधी के इस्तीफे के बाद गणित बदल गया है अब कांग्रेस के पास 87सीटें बची है, ऐसे में अब 29 सीटों पर उपचुनाव होंगे, हालांकि दमोह सीट का चुनाव 28 सीटों के साथ होगा या नही यह अभी तय नही है।