Mahashivratri: प्रसिद्द धूमेश्वर मंदिर पहुंचे सिंधिया, की भगवान भोलेनाथ की पूजा

किवदंती है कि इस मंदिर का निर्माण जिन्नों द्वारा किया गया था।  बाद में इसका जीर्णोद्धार सिंधिया राजवंश द्वारा किया गया और कैलाशवासी माधवराव सिंधिया यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर दर्शन करने जरूर आते थे। 

डबरा, सलिल श्रीवास्तव। दो दिवसीय दौरे पर बुधवार की रात ग्वालियर पहुंचे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने तय कार्यक्रम के मुताबिक ग्वालियर जिले के प्रसिद्ध धूमेश्वर महादेव मंदिर (Dhumeshwar Mahadev Mandir) पर पूजा अर्चना की साथ ही भोले बाबा का आशीर्वाद लिया। सिंधिया के साथ ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर (Pradyuman Singh Tomar) ,पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi), भाजपा नेता मोहन सिंह राठौर, जिला ग्रामीण अध्यक्ष कौशल शर्मा, सरपंच मुकेश भार्गव सहित अनेक नेता मौजूद थे।

आपको बता दें कि इतिहास में नागवंश की राजधानी के नाम से प्रसिद्ध ग्राम पवाया के पास स्थित धूमेश्वर मंदिर का अपना महत्व है। इस मंदिर के बारे में किवदंती है कि इस मंदिर का निर्माण जिन्नों द्वारा किया गया था।  बाद में इसका जीर्णोद्धार सिंधिया राजवंश द्वारा किया गया और कैलाशवासी माधवराव सिंधिया यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर दर्शन करने जरूर आते थे।

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इस मंदिर की स्थापत्य कला को देखकर कहा जा सकता है कि इसमें तीन शैलियों का मिश्रण देखने को मिलता है जिसमें हिंदू,पाश्चत्य और मुगल तीनों शैलियों के दर्शन होते हैं क्योंकि समय-समय पर जिस राजा का शासन रहा उसने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया साथ ही सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों द्वारा मंदिर पर आज कावड़ भी चढ़ाई गई।