परिवार पेंशन पर बड़ी तैयारी में शिवराज सरकार, कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

बता दें कि इससे पहले के नियम के तहत पति और पत्नी के राज्य शासन के सेवा में होने के बावजूद इन दोनों में जिनकी पेंशन अधिक होती थी। केवल उनके मूल वेतन का 30% आश्रितों को दिया जाता था।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मोदी सरकार (modi government) ने बीते दिनों परिवार पेंशन नियम (Family pension rules) को लेकर बड़ा फैसला लिया था। जहां पेंशन नियमों में संशोधन किए गए थे। अब केंद्र सरकार की तर्ज पर मध्य शिवराज सरकार (shivraj government) भी पेंशन नियम में संशोधन का विचार कर रही है। जिसके बाद केंद्र के नए पेंशन नियम के ड्राफ्ट (draft) पर प्रशासन विभाग द्वारा चर्चा शुरू की जा चुकी है।

केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार भी परिवार पेंशन नियम में बड़े बदलाव करती है तो इसका सीधा सीधा फायदा प्रदेश कर्मचारियों के परिवार को होगा। दरअसल केंद्र के बाद अब शिवराज सरकार भी परिवार पेंशन नियमों में सुधार करने जा रही है। जिसके लिए केंद्र के नए पेंशन नियमों के ड्राफ्ट का अध्ययन शुरू किया जा चुका है। जल्द ही शिवराज सरकार पेंशन नियमों में संशोधन कर सकती है।

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इन संशोधनों के तहत यदि पति और पत्नी दोनों राज्य शासन की सेवा में है तो उन दोनों के मौत के बाद दोनों के ही मूल वेतन की 50% राशि आश्रितों को दी जाएगी। बता दें कि इससे पहले के नियम के तहत पति और पत्नी के राज्य शासन के सेवा में होने के बावजूद इन दोनों में जिनकी पेंशन अधिक होती थी। केवल उनके मूल वेतन का 30% आश्रितों को दिया जाता था।

ज्ञात हो कि प्रदेश में अभी परिवार पेंशन में सिर्फ मूल पेंशन की 30% राशि दी जाती है। जिसमें कर्मचारी के रिटायर होने पर उसे पेंशन के रूप में मूल वेतन की 50 फ़ीसदी राशि दी जाती है। सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु होने पर पत्नी को 30% फीसद मिलते हैं। वही सेवानिवृत्त कर्मचारी के मामले में पति पत्नी की मृत्यु होने पर आश्रित को परिवार पेंशन की पात्रता होती है। शिवराज सरकार इसके प्रतिशत को बढ़ाने पर विचार कर रही है। फिलहाल में राज्य सरकार ने न्यूनतम 7550 राशि तय की हैं।