पद्मभूषण सम्मान पर बोलीं सुमित्रा ताई- यह पुरस्कार मुझे मिलना आश्चर्य की बात

इतना ही नहीं सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्होंने जो भी कार्य किया उसे इंदौर की जनता के द्वारा हमेशा सराहा गया।

सुमित्रा महाजन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र सरकार (central government) ने भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की घोषणा सोमवार को की। जिसके मुताबिक पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (sumitra mahajan) को पद्मभूषण सम्मान (Padma Bhushan Award) से नवाजा जाएगा। दरअसल 16वीं लोकसभा अध्यक्ष (loksabha speaker) बनी देश की दूसरी महिला सुमित्रा महाजन एक ऐसी महिला हैं। जिन्होंने कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारा। इसके साथ ही वह देश की एकमात्र ऐसी महिला सांसद हैं। जिन्होंने लगातार 8 बार लोकसभा चुनाव जीते हैं। वही देश के सर्वोच्च पुरस्कार पद्म भूषण के लिए उनके नाम पर उन्होंने आश्चर्य जताया है।

दरअसल 77 वर्षीय सुमित्रा ताई ने कहा कि उन्हें पद्मभूषण क्यों दिया जा रहा है, यह उनके लिए आश्चर्य की बात है। इसके साथ ही उन्होंने इस पुरस्कार का असली हकदार इंदौर (indore) की जनता को बताया है। सुमित्रा महाजन ने कहा कि जनता के प्यार ने ही उन्हें लगातार 30 साल तक राजनीतिक सफर में आगे बढ़ने का मौका दिया है और इसलिए यह बड़ा सम्मान उन्हें सामाजिक कार्य के क्षेत्र में मिला है।

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इतना ही नहीं सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्होंने जो भी कार्य किया उसे इंदौर की जनता के द्वारा हमेशा सराहा गया। वहीं पद्म भूषण के लिए अपने नाम पर आश्चर्य जताते हुए सुमित्रा ताई ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया है, जिसके लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया जाए। यह उनके लिए भी आश्चर्य की बात है। इसके साथ ही सुमित्रा महाजन ने कहा कि सालों साल उन्होंने पार्टी के लिए जो काम किया। उसे पार्टी द्वारा सराहा गया। पार्टी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण पद दिया और अब यह सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

ज्ञात हो कि सुमित्रा महाजन की राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1979 से हुई। जयंत महाजन से विवाह के बाद सुमित्रा महाजन इंदौर आ गई। वह पहली बार इंदौर नगर निगम के पार्षद चुनी गई। बाद में उन्हें इंदौर का उपमहापौर बनाया गया। इंदौर तीन विधानसभा से पहली बार उन्हें टिकट दिया गया। जहां कांग्रेस के महेश चंद्र जोशी ने उन्हें हराया। उसके बाद 1980 से लेकर 2014 तक आम चुनाव में लगातार वह इंदौर से सांसद चुनी गई। मीरा कुमार के बाद वो भारत की दूसरी लोकसभा स्पीकर बनीं। उनके अलावा मध्य प्रदेश की आदिवासी कलाकार भूरी बाई को कला और कपिल तिवारी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है।