सीएम शिवराज के खिलाफ उमा भारती को मिला इस बीजेपी मंत्री का समर्थन, कहीं ये बड़ी बात

अब ऐसे में उमा भारती के द्वारा शुरू किए जा रहे अभियान सीएम शिवराज के लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहेगा। यह देखना दिलचस्प है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शराबबंदी (liquor ban) को लेकर अब शिवराज सरकार (shivraj government) और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (uma bharti) आमने-सामने हैं। उमा भारती प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च से शुरू की जाएगी। वहीं अब इस अभियान में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग (viswas sarang) का समर्थन मिला है।

दरअसल उमा भारती के शराब मुक्ति अभियान पर बोलते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उमा भारती देश और प्रदेश की सबसे बड़ी नेता है। उन्होंने निर्णय लिया है तो वह शराब मुक्ति को लेकर अपना अभियान शुरू करें। विश्वास सारंग ने कहा कि उमा भारती का अभियान सामाजिक अभियान है जबकि कांग्रेस (congress) उन्हें राजनीतिक अभियान से जोड़कर देखना चाहती है।

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इसके साथ ही मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस बिना किसी एंट्री फीस के हर मुद्दे में एंट्री लेती है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि 15 महीने कांग्रेस सत्ता में रही। अगर राजनीतिक स्तर से ही शराब बंदी पर चर्चा करनी थी तो वह प्रदेश में तब शराबबंदी कर सकते थे। इसके साथ ही मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उमा भारती का शराबबंदी का यह अभियान सामाजिक जनचेतना का अभियान है। सामाजिक सरोकार को ध्यान में रखकर इस अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसके साथ कांग्रेस को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर मुद्दे में घुसकर विवाद की स्थिति उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है।

बता दें कि प्रदेश में शराबबंदी की मांग कर चुकी पूर्व मंत्री उमा भारती आगामी महिला दिवस से शराबबंदी के लिए अभियान चलाने जा रही है। अपनी इस योजना का ऐलान करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्विटर पर लिखा था कि नशा मुक्ति अभियान के लिए उन्हें उनके सहयोगी मिल चुकी है। वही 8 मार्च से इस अभियान की शुरुआत की जाएगी। बता दें कि इससे पहले मुरैना में हुए जहरीली शराब हत्याकांड के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शिवराज सरकार सहित देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों से भी शराबबंदी की मांग की अपील की थी।

हालांकि अब पूर्व मुख्य मुख्यमंत्री उमा भारती के इस ऐलान के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चिंता बढ़ना लाजमी है। प्रदेश में शराब से अपनी आय बढ़ाने के लिए शिवराज सरकार जल्द ही शराब नीति में नए प्रावधान की तैयारी कर रही है। अब ऐसे में उमा भारती के द्वारा शुरू किए जा रहे अभियान सीएम शिवराज के लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहेगा। यह देखना दिलचस्प है।